भारतीय मूल की सिंगापुरवासी महिला पर सोशल मीडिया पोस्ट में सुधार का आदेश नहीं मानने का आरोप

भारतीय मूल की सिंगापुरवासी महिला पर सोशल मीडिया पोस्ट में सुधार का आदेश नहीं मानने का आरोप

भारतीय मूल की सिंगापुरवासी महिला पर सोशल मीडिया पोस्ट में सुधार का आदेश नहीं मानने का आरोप
Modified Date: April 23, 2026 / 12:10 pm IST
Published Date: April 23, 2026 12:10 pm IST

सिंगापुर, 23 अप्रैल (भाषा) भारतीय मूल की एक मृत्युदंड विरोधी कार्यकर्ता पर बृहस्पतिवार को सिंगापुर की एक अदालत में ‘ऑनलाइन झूठी सूचनाओं और हेरफेर से सुरक्षा अधिनियम’ (पीओएफएमए) के तहत जारी सुधार निर्देश का पालन न करने का आरोप दर्ज किया गया है।

‘चैनल न्यूज एशिया’ के अनुसार, अदालती दस्तावेजों में अन्नामलाई कोकिला पार्वती के रूप में सूचीबद्ध कोकिला अन्नामलाई पर अक्टूबर 2024 में सोशल मीडिया पर की गईं कुछ पोस्ट के संबंध में आरोप लगाए गए हैं। ये पोस्ट एक व्यक्ति जिसे मृत्युदंड सुनाया गया है और उसके परिवार के अनुभवों के बारे में थीं।

उन्होंने मादक पदार्थ तस्कर मोहम्मद अजवान बोहारी के बारे में पोस्ट किए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार मनमाने ढंग से फांसी की तारीख तय करती है या उसे टालती है, और तस्करी के मामलों में कानूनी रूप से सबूत पेश करने की जिम्मेदारी नहीं उठाती।

पीओएफएमए कार्यालय ने पांच अक्टूबर 2024 को उन्हें उन पोस्ट पर सुधार नोटिस लगाने का निर्देश जारी किया था।

पीओएफएमए कार्यालय ने मंगलवार को कहा, ‘‘आरोप है कि उन्होंने निर्देश का पालन नहीं किया।’’

सिंगापुर के कानून के तहत, पीओएफएमए आदेश का पालन न करने पर 12 महीने तक की कैद या 20,000 सिंगापुर डॉलर तक का जुर्माना या दोनों का दंड दिया जा सकता है।

अन्नामलाई को मई में मुकदमे से पहले की सुनवाई के लिए अदालत में पेश होना है।

खबरों के अनुसार, अन्नामलाई पर पहले दो अन्य महिलाओं के साथ एक अलग मामले में फलस्तीन समर्थक जुलूस को इस्ताना (राष्ट्रपति भवन) तक ले जाने का आरोप लगाया गया था, लेकिन अक्टूबर 2025 में उन्हें बरी कर दिया गया था।

भाषा शोभना वैभव

वैभव


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