ईरान को व्यवस्थित तरीके से कुचला जा रहा है, देर-सवेर उसका ढहना तय : नेतन्याहू
ईरान को व्यवस्थित तरीके से कुचला जा रहा है, देर-सवेर उसका ढहना तय : नेतन्याहू
(हरिंदर मिश्रा)
यरुशलम, एक अप्रैल (भाषा) ईरान के खिलाफ युद्ध में ‘‘बड़ी उपलब्धियों’’ की प्रशंसा करते हुए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार शाम कहा कि इजराइल-अमेरिका का संयुक्त अभियान इस्लामी शासन को ‘‘व्यवस्थित तरीके से कुचल रहा है’’ और इस यहूदी राष्ट्र के सामने मौजूद अस्तित्वगत खतरों को खत्म कर रहा है।
यहूदी पर्व ‘पेसाच’ (पासओवर) से पहले हिब्रू में राष्ट्र को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि ‘‘देर-सवेर’’ ईरानी शासन गिर जाएगा और इजराइल, तेहरान से उत्पन्न साझा खतरे के खिलाफ ‘‘क्षेत्र के महत्वपूर्ण देशों के साथ नए गठबंधन’’ बना रहा है।
इजराइली प्रधानमंत्री ने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन संक्षेप में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ‘‘जल्द ही मैं आपको इन महत्वपूर्ण गठबंधनों के बारे में और बता पाऊंगा।’’
नेतन्याहू ने कहा, ‘‘स्वतंत्रता पर्व की पूर्व संध्या पर इजराइल पहले से कहीं अधिक मजबूत है। पूरी दुनिया ईरान के दुष्ट शासन के खिलाफ हमारी लड़ाई में हमारी दहाड़ सुन रही है, एक ऐसी लड़ाई जिसमें हमने अपार उपलब्धियां हासिल की हैं।’’
यह संबोधन ऐसे समय में आया जब देश लेबनान में जमीनी अभियान के दौरान चार सैनिकों की मौत पर शोक मना रहा है। उन्होंने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ये उपलब्धियां ‘‘कष्टदायक कीमत’’ चुकाकर हासिल हुई हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका के साथ हमारे संयुक्त अभियान का एक महीना पूरा होने पर हम उस आतंकवादी शासन को व्यवस्थित रूप से कुचल रहे हैं, जिसने दशकों तक ‘अमेरिका की मौत, इजराइल की मौत’ के नारे लगाए……अयातुल्लाओं के शासन ने हमें नष्ट करने, पूरे पश्चिम एशिया पर कब्जा करने और पूरी दुनिया को खतरे में डालने की बड़ी कोशिश की।”
नेतन्याहू ने कहा, ‘‘इसने इन घातक महत्वाकांक्षाओं को परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास, हमारे चारों ओर आतंकी संगठनों को वित्त और हथियार देने तथा उस पर लगे कड़े प्रतिबंधों को झेलकर आगे बढ़ाने की कोशिश की।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब मैं आपको बताना चाहता हूं: इतने वर्षों में इस सब पर ईरान ने लगभग एक हजार अरब डॉलर खर्च किए। और अब कहा जा सकता है कि यह पूरी राशि व्यर्थ चली गई।’’
ईरान पर किए गए प्रहारों में नेतन्याहू ने ‘‘उनके परमाणु कार्यक्रम, उनकी मिसाइलों, शासन के ढांचे, उसकी दमनकारी ताकतों और शीर्ष नेतृत्व पर प्रहार’’ को गिनाया।
उन्होंने सात अक्टूबर 2023 के बाद से इजराइल द्वारा मारे गए ईरान, हिजबुल्ला और हमास के नेताओं के नाम गिनाते हुए कहा, ‘‘तानाशाह खामेनेई से लेकर परमाणु वैज्ञानिकों तक और रिवोल्यूशनरी गार्ड व बासिज के हत्यारे नेताओं तक, इसके अलावा नसरल्लाह, हनियेह, डेइफ, सिनवार और भी कई अन्य।’’
नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान ‘‘पहले से कहीं कमजोर’’ और इजराइल ‘‘पहले से कहीं मजबूत’’ है और इस्लामी गणराज्य के खिलाफ अभियान ‘‘अभी समाप्त नहीं हुआ है।’’
उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल ने दुनिया को ईरान से उत्पन्न खतरे के प्रति जागरूक किया है, जहां अधिकांश नेता इसे चुपचाप स्वीकार कर रहे हैं और कुछ इसके खिलाफ कदम भी उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पश्चिम एशिया के नेताओं से गुप्त और सार्वजनिक बैठकों में बात की। मैंने यूरोप के नेताओं से बात की। मैंने अमेरिका के नेताओं और राष्ट्रपति से भी बात की। उन्होंने खतरे को पूरी तरह नहीं समझा था। आज ऐसा कोई नहीं है जो इस खतरे की गंभीरता को न समझता हो। कुछ लोग निजी बातचीत में मुझसे कहते हैं- ‘प्रधानमंत्री, हम समझते हैं, हम इसे खुलकर कहने से डरते हैं, लेकिन हम समझते हैं।’ और कुछ कहते हैं- ‘हम समझते हैं’ और ईश्वर का शुक्र है कि वे कार्रवाई भी कर रहे हैं।’’
अमेरिका के साथ मजबूत गठबंधन का जिक्र करते हुए इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि संयुक्त बलों ने ईरानी शासन को ‘‘करारा झटका’’ दिया है, जिससे वह ‘‘हिल गया है’’ और ‘‘उसका देर-सवेर गिरना तय है।’’
इस संबोधन के बाद कुछ इजराइली विश्लेषकों ने इसे इस रूप में देखा कि नेतन्याहू इस संभावना के लिए आधार तैयार कर रहे हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बिना किसी समझौते के ईरान के साथ युद्ध रोकने का फैसला कर सकते हैं।
ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया है कि अभियान अपने घोषित उद्देश्यों को हासिल कर चुका है और वह इसे रोकने का निर्णय ले सकते हैं।
भाषा गोला नरेश
नरेश

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