ईरान ने ब्रिटेन के दूत को फिर किया तलब |

ईरान ने ब्रिटेन के दूत को फिर किया तलब

ईरान ने ब्रिटेन के दूत को फिर किया तलब

: , November 29, 2022 / 08:02 PM IST

तेहरान, पांच अक्टूबर (एपी) ईरान ने व्यापक प्रदर्शनों के खिलाफ तेहरान की कार्रवाई को लेकर ब्रिटेन के ‘‘भड़काऊ बयानों’’ पर ब्रितानी राजदूत को एक फिर तलब किया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि ईरानी प्राधिकारियों ने 10 दिन से भी कम समय में ब्रितानी राजदूत साइमन शेरक्लिफ को दूसरी बार तलब किया और लंदन के ‘‘भड़काऊ एवं गलत व्याख्या करने और हस्तक्षेप करने वाले बयानों की कड़ी निंदा की।’’

इससे दो दिन पहले ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवर्ली ने ईरानी प्राधिकारियों से शांतिपूर्वक एकत्र होने के अधिकार का सम्मान करने, संयम बरतने और ‘‘गलत तरीके से हिरासत में लिए गए’’ प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की अपील की थी।

उल्लेखनीय है कि कथित तौर पर हिजाब ठीक से नहीं पहनने के चलते धर्माचार पुलिस ने 22 वर्षीय महसा अमीनी को हिरासत में लिया था और बाद में उसकी मौत के बाद देशभर में विरोध-प्रदर्शन होने लगे। ईरानी सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।

ईरानी नेताओं ने पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका और इजराइल पर अमीनी की मौत के बाद दंगे भड़काने का आरोप लगाया, लेकिन उसने इस संबंध में कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए।

अमीनी की मौत के खिलाफ प्रदर्शन बुधवार को तीसरे सप्ताह भी जारी रहे। ईरान के सरकारी टेलीविजन की खबरों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पों में कम से कम 41 लोग मारे गये हैं, जबकि मानवाधिकार समूहों ने यह संख्या कहीं अधिक होने का दावा किया है।

एपी

दुबई, 25 सितंबर (एपी) ईरान के विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि उसने लंदन में स्थित फारसी भाषा के मीडिया संस्थानों के खिलाफ विरोध जताने के लिए ब्रिटेन के राजदूत सिमोन शेरक्लिफ को तलब किया है।

विदेश मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसने शनिवार को शेरक्लिफ को तलब कर ईरान सरकार के विरोधी कहे जाने वाले इन मीडिया संस्थानों को पनाह देने पर नाराजगी जताई।

मंत्रालय ने आरोप लगाया कि इन समाचार संस्थानों के कार्यक्रमों के कारण ईरान में अशांति पैदा हुई और दंगे फैले।

ईरान ने कहा कि उसका मानना है कि ये समाचार एजेंसियां अपनी खबरों के जरिए ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रही हैं और इसकी संप्रभुता के खिलाफ काम कर रही हैं।

समाचार एजेंसी ‘इरना’ ने खबर दी है कि मंत्रालय ने नॉर्वे के राष्ट्रपति मसूद कराखानी के संसद में दिए हालिया बयानों को लेकर नॉर्वे के राजदूत को भी तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया।

उल्लेखनीय है कि ईरानी धर्माचार पुलिस की हिरासत में 22 वर्षीय महसा अमीनी की मौत के बाद ईरान के प्रांतों और राजधानी तेहरान में तनाव पैदा हो गया था। सरकारी टीवी चैनलों ने शनिवार को बताया कि 17 सितंबर को प्रदर्शन शुरू होने के बाद से 41 लोगों की मौत हो चुकी है।

एपी

जोहेब दिलीप

दिलीप

2509 1926

नननन सिम्मी पवनेश

पवनेश

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)