अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की स्थापना के 20 साल हुए |

अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की स्थापना के 20 साल हुए

अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की स्थापना के 20 साल हुए

: , July 1, 2022 / 04:43 PM IST

हेग (नीदरलैंड), एक जुलाई (एपी) अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) की स्थापना के शुक्रवार को 20 साल हो गए। इसके अभियोजकों ने दुनियाभर के देशों में युद्ध अपराधों की जांच की है। वह यूक्रेन में युद्ध अपराधों के आरोपों की भी जांच कर रहा है।

अदालत की सिर्फ अफ्रीका में अपराधों की जांच करने और केन्या और आइवरी कोस्ट के वरिष्ठ नेताओं पर मुकदमा चलाने में नाकाम रहने के लिए आलोचना की जाती है। अदालत फिलहाल, अफगानिस्तान से लेकर यूक्रेन समेत 17 देशों में जांच कर रही है। हालांकि, ज्यादातर मामले अफ्रीका के ही हैं।

सिएरा लियोन के लिए विशेष अदालत के संस्थापक मुख्य अभियोजक डेविड क्रेन ने कहा कि आईसीसी के कामकाज की आलोचनाओं के बावजूद हेग स्थित अदालत एक अहम कानूनी संस्थान है। सिएरा लियोन के लिए विशेष अदालत ने लाइबेरिया के पूर्व राष्ट्रपति चार्ल्स टेलर और अन्य को युद्ध अपराध का दोषी ठहराया था।

क्रेन ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा, “ आईसीसी इस बात की आधारशिला है कि हम कैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधों से निपटते हैं।”

उन्होंने कहा, “ यूक्रेन पर रूस के हमले के मद्देनजर, आईसीसी को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को जवाबदेह ठहराने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिये।”

अदालत ने अपने 20 साल के सफर के दौरान युद्ध अपराध के सिर्फ तीन मामलों में दोषी ठहराया है और न्याय में हस्तक्षेप को लेकर पांच मामलों में दोषी ठहराया है। यह अदालत ‘रोम स्टैट्यूट’ के तहत एक जुलाई 2002 को स्थापित हुई थी।

आईसीसी के पास अपना कोई पुलिस बल नहीं है और इसे संदिग्धों की गिरफ्तारी और उन्हें हेग लाने के लिए राष्ट्रीय अधिकारियों पर निर्भर रहना पड़ता है।

अदालत का 2022 के लिये बजट करीब 16.1 करोड़ डॉलर है और अबतक इसपर 2.3 अरब डॉलर खर्च किए जा चुके हैं।

कुल 123 देश अदालत के सदस्य हैं और इसके अधिकार क्षेत्र को मानते हैं लेकिन वैश्विक शक्तियां, अमेरिका, रूस और चीन इसे नहीं मानते हैं। इसका मतलब है कि अगर अभियोजक करीम खान यूक्रेन में युद्ध अपराध की जांच में रूसी संदिग्धों को तलब करते हैं तो मॉस्को की ओर से उन्हें हेग में मुकदमे के लिए पेश करने की संभावना नहीं है।

इस मौके पर यूरोपीय संघ ने एक बयान जारी कर आईसीसी की उपलब्धियों के बारे में बताया और उन देशों से इसका सदस्य बनने का आग्रह किया, जो अबतक इसके सदस्य नहीं हैं।

एपी नोमान दिलीप

दिलीप

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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