जैसिंडा अर्डर्न का इस्तीफा : लोग हैरान हैं कि काम से ऊब जाएं तो पद कब छोड़ना चाहिए |

जैसिंडा अर्डर्न का इस्तीफा : लोग हैरान हैं कि काम से ऊब जाएं तो पद कब छोड़ना चाहिए

जैसिंडा अर्डर्न का इस्तीफा : लोग हैरान हैं कि काम से ऊब जाएं तो पद कब छोड़ना चाहिए

: , January 25, 2023 / 02:11 PM IST

(एंथोनी मॉन्टगोमरी, प्रोफेसर इन ऑक्यूपेशनल एंड ऑर्गनाइजेशनल साइकोलॉजी, नॉर्थम्ब्रिया यूनिवर्सिटी)

न्यूकैसल, 25 जनवरी (द कन्वरसेशन) न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के पद से जेसिंडा अर्डर्न के इस्तीफे ने नौकरी से उकता जाने और नौकरी छोड़ने का ‘‘सही समय’’ कब है, इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक चर्चा छेड़ दी है।

कुछ ने अर्डर्न के पद छोड़ने के फैसले की प्रशंसा की है, उनका कहना है कि अर्डर्न ने खुद पर दया दिखाई है और वह तब तक अपने पद पर रहीं, जब तक उस पद पर रहना उन्हें पसंद था। हालांकि कई अन्य विश्व नेताओं ने इसके विपरीत राय जाहिर की है।

सबसे कम उम्र में प्रधानमंत्री का पद संभालने वालों में से एक, अर्डर्न काम और व्यक्तिगत जीवन को कैसे संतुलित किया जाए, इसके लिए एक अंतरराष्ट्रीय प्रतीक बन गयी थीं। उन्होंने अपनी नवजात बच्ची को गोद में लेकर जब संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया तो सब तरफ उनकी सराहना हुई। लेकिन अब यह कहानी महिला विरोधी सुर्खियों के साथ उनके प्रस्थान को चिन्हित कर रही है जैसे ‘‘क्या महिलाएं वास्तव में यह सब कर सकती हैं?’’।

इस रवैये से पता चलता है कि अर्डर्न को अपनी सीमाएं नहीं पता थीं, और शायद वह जितना काम कर सकती थीं, उससे कहीं अधिक अपने सिर पर ले लिया।

यह काम से तंग आ जाने के बारे में एक बड़ी गलतफहमी का हिस्सा है, जो इसे लोगों की खुद की बेहतर देखभाल करने की आवश्यकता के बराबर करता है। यहां तक ​​​​कि खुद अर्डर्न ने लोगों से ‘‘मजबूत और दयालु होने’’ का आग्रह करके अनजाने में बर्नआउट के व्यक्तिगत पहलू के बारे में संकेत दिया है।

बहुत से लोग (विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा पेशेवर) बर्नआउट या काम के प्रति उदासी को सम्मानसूचक मानते हैं। बर्नआउट इस बात का सबूत है कि उन्होंने अपनी क्षमता के अनुरूप कड़ी मेहनत की है, सब कुछ अपने काम में लगा दिया है।

लेकिन अपने इस्तीफे के भाषण में, अर्डर्न ने कहा कि पद पर बने रहने के लिए उनके ‘‘भंडार में अब पर्याप्त नहीं बचा’’, यह सुझाव देते हुए कि उन्हें लगा कि नौकरी जारी रखना अस्थिर होगा। यह एक आवश्यक संकेत है कि ऊकताहट की शुरुआत काम के माहौल से होती है।

यह पूछने के बजाय कि अर्डर्न अपने पद पर क्यों नहीं बनी रहीं, हमें यह पूछना चाहिए कि उनकी नौकरी में किन कारकों ने उन्हें इस तरह महसूस करने में योगदान दिया।

दुनिया अर्डर्न जैसे लोगों से भरी हुई है जो अपनी नौकरी छोड़ना पसंद करेंगे लेकिन अपनी आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण ऐसा नहीं कर सकते। एक प्रधान मंत्री के रूप में, अर्डर्न के पास कई संसाधन होगे। अगर उनकी स्थिति का कोई व्यक्ति भी इस बिंदु तक पहुंच सकता है, तो यह स्पष्ट है कि हमें इस बारे में अधिक सोचने की आवश्यकता है कि संगठन लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं – न कि लोग स्वयं बर्नआउट से बचने के लिए क्या कर सकते हैं।

बर्नआउट को पहचानना

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, बर्नआउट तीन तत्वों की विशेषता है, जो एक दूसरे को सुदृढ़ कर सकते हैं और एक दुष्चक्र बना सकते हैं:

1. मैं लगातार थका हुआ महसूस करता हूं;

2. मैं अपने काम को नापसंद करता हूँ;

3. मैं काम पर अपने प्रदर्शन के बारे में कम सक्षम महसूस करता हूँ।

यदि आप इन भावनाओं का अनुभव कर रहे हैं, तो याद रखें कि बर्नआउट एक व्यक्ति की असफलता नहीं है, बल्कि यह काम करने की स्थिति से पैदा होती है।

इसमें कोई संदेह नहीं है कि व्यक्तिगत स्तर के ‘‘समाधान’’ (योग, चिकित्सा, दिमाग को शांत रखने की गतिविधियां, अपनी नौकरी छोड़ना) कुछ राहत की पेशकश कर सकते हैं, लेकिन वे उकताहट का कारण बनने वाले संगठनात्मक तत्वों के बारे में कुछ नहीं करेंगे। इससे भी महत्वपूर्ण बात, वे इस खतरनाक विचार की पुष्ट करते हैं कि कर्मचारियों को अधिक लचीला होने की आवश्यकता है।

आज की अधिकांश कार्य संस्कृति अतिरिक्त प्रयास करने का पुरस्कार देती है, अक्सर व्यक्तिगत लागत पर। यह मानसिकता नए और युवा कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से खतरनाक है, जो अधिक काम के माध्यम से अपनी योग्यता साबित करना चाहते हैं।

कुछ लोग महसूस कर सकते हैं कि यदि वे प्रदर्शन करने में विफल रहते हैं तो उन्हें हटाया जा सकता है और उनकी जगह लेने के लिए अन्य प्रतीक्षा कर रहे हैं। इससे यह समझाने में मदद मिलती है कि लोग नौकरी छोड़ने से पहले बहुत देर होने तक क्यों इंतजार करते हैं जो उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है।

यदि आप काम के दौरान अपनी क्षमता की सीमा तक खिंचे हुए हैं, तो इस पर एक नज़र डालें कि आपका कार्यस्थल आम तौर पर कैसे कार्य करता है। यदि अत्यधिक काम करना संगठनात्मक मानदंड है, तो संभव है कि आप उकताहट से पीड़ित अकेले व्यक्ति न हों।

काम से मन हटने को रोकना

उकताहट को संबोधित करने के लिए नियोक्ताओं के पास मजबूत आर्थिक तर्क हैं। सबूत बताते हैं कि एनएचएस में कर्मचारियों का खराब स्वास्थ्य और तंदुरूस्ती पर भारी खर्च आता है, जो प्रति वर्ष अनुमानत:£12 अरब यूरो से अधिक होता है। कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार से प्रति वर्ष £एक अरब यूरो तक की प्रारंभिक बचत हो सकती है।

बर्नआउट को सफलतापूर्वक संबोधित करना इसकी रोकथाम के बारे में है, उपचार के बारे में नहीं। लेकिन प्रत्येक उद्योग की अलग-अलग मांगें होती हैं – कोई एक समाधान सभी के लिए उपयुक्त नहीं है।

करियर मैराथन है, स्प्रिंट नहीं। आपको दौड़ की परिस्थितियों के बारे में जानने की जरूरत है, न कि केवल आपकी व्यक्तिगत फिटनेस के बारे में।

अंतत: कोई संस्थान कर्मचारियों की उकताहट की समस्या को दूर करने के लिए सुसज्जित है या नहीं, इसका पता लगाने का यही तरीका है कि वह आपकी नौकरी की अपरिहार्य मांगों के अनुरूप आपके काम को कैसे स्वीकार करता है और आपको कैसे सहयोग देता है।

द कन्वरसेशन एकता एकता

एकता

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)