झारखंड : पूर्वी सिंहभूम में ‘सेरेब्रेल’ मलेरिया से चार बच्चों की मौत, 45 अन्य अस्पताल में भर्ती

झारखंड : पूर्वी सिंहभूम में ‘सेरेब्रेल’ मलेरिया से चार बच्चों की मौत, 45 अन्य अस्पताल में भर्ती

झारखंड : पूर्वी सिंहभूम में ‘सेरेब्रेल’ मलेरिया से चार बच्चों की मौत, 45 अन्य अस्पताल में भर्ती
Modified Date: June 29, 2026 / 09:56 pm IST
Published Date: June 29, 2026 9:56 pm IST

जमशेदपुर, 29 जून (भाषा) झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में गत चार दिनों में ‘सेरेब्रल’ मलेरिया से चार बच्चों की मौत हो गई, जबकि 45 अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन ने इस रोग से प्रभावित पोटका प्रखंड को 10 सेक्टर में बांटा है और इलाज के लिए चिकित्सा टीम गठित की है।

जिला सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने बताया कि मरीजों के इलाज के अलावा, प्रशासन प्रभावित इलाके में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया है और ‘फॉगिंग’ करने के अलावा ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सोमवार को पोटका प्रखंड के 464 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई जिनमें से 28 के सेलेब्रेल मलेरिया से पीड़ित होने की पुष्टि हुई और उनका इलाज किया जा रहा है।

पॉल ने बताया कि फिलहाल पोटका में चार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 41 अन्य सदर अस्पताल में भर्ती हैं।

उन्होंने बताया कि पोटका प्रखंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल में एक मेडिकल टीम तैनात की गई, जहां सेरेब्रल मलेरिया का पहला मामला सामने आया था।

उन्होंने कहा कि पोटका और सदर अस्पताल में भर्ती सभी मरीज़ों की हालत स्थिर बताई गई है।

इस बीच, पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन ने रविवार को एमजीएम अस्पताल और सदर अस्पताल का दौरा किया और मरीज़ों के परिजनों से बातचीत की।

पोटका के झामुमो विधायक संजीव सरदार ने भी पीड़ितों के परिजनों से मुलाक़ात की और बीमारी को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन से जरूरी कदम उठाने को कहा।

सेरेब्रल मलेरिया जानलेवा मलेरिया का सबसे गंभीर रूप है जो प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम परजीवी के कारण होता है। संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से परजीवी मानव शरीर में प्रवेश करते हैं और मस्तिष्क की छोटी रक्त वाहिकाओं में रुकावट पैदा करते हैं, जिससे दिमाग के क्षतिग्रस्त होने, कोमा और यहां तक कि मृत्यु का खतरा रहता है।

भाषा धीरज सुभाष

सुभाष


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