खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा में बोर्ड ऑफ पीस में पाकिस्तान के शामिल होने के खिलाफ प्रस्ताव पारित
खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा में बोर्ड ऑफ पीस में पाकिस्तान के शामिल होने के खिलाफ प्रस्ताव पारित
पेशावर, 27 जनवरी (भाषा) पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत की विधानसभा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से गाजा के लिए गठित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में पाकिस्तान के शामिल होने के फैसले को खारिज कर दिया है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ विपक्षी दलों की ओर से हो रहीं आलोचनाओं के बीच बृहस्पतिवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के चार्टर पर हस्ताक्षर करने वाले वैश्विक नेताओं के समूह में शामिल हो गए थे।
ट्रंप ने स्विटजरलैंड के दावोस में वार्षिक विश्व आर्थिक मंच से इतर एक कार्यक्रम आयोजित किया था। पाकिस्तान को बोर्ड में शामिल होने के लिए ट्रंप की ओर से निमंत्रण भेजा गया, जिसे बाद में स्वीकार कर लिया गया।
खैबर पख्तूनख्वा की विधानसभा ने सोमवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की सरकार में कानून मंत्री आफताब आलम की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (एफ) ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
प्रांत में 2013 से इमरान खान की पार्टी पीटीआई की सरकार है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होना पाकिस्तान के ऐतिहासिक व सैद्धांतिक रुख और फलस्तीनी लोगों की इच्छा के विरुद्ध है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि यह कदम फलस्तीनियों के आत्मनिर्णय के अधिकार को नुकसान पहुंचा सकता है।
विधानसभा ने कहा कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और फलस्तीनियों के आत्म निर्णय के अधिकार के अनुरूप नहीं है; बल्कि, यह इजराइली अत्याचारों को बढ़ावा देने का काम करेगा।
इस प्रस्ताव में बोर्ड को एक राजनीतिक मंच बताया गया है, जो अमेरिका और इजराइल के संरक्षण में काम करेगा और मूल रूप से उनके विशेष एजेंडे को आगे बढ़ाएगा।
भाषा जोहेब पवनेश
पवनेश


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