अमेरिका के दावों के बीच संभावित ईरान समझौते की नयी जानकारी सामने आयी

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अमेरिका के दावों के बीच संभावित ईरान समझौते की नयी जानकारी सामने आयी

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  • Publish Date - May 24, 2026 / 09:32 PM IST,
    Updated On - May 24, 2026 / 09:32 PM IST

काहिरा, 24 मई (एपी) अमेरिका, ईरान के साथ एक समझौते पर पहुंचने के करीब है जिससे युद्ध समाप्त हो जाएगा, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा और ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को छोड़ देगा। हालांकि, समझौते के विवरण और समयसीमा पर बाद में चर्चा की जाएगी। क्षेत्रीय अधिकारियों ने रविवार को ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को यह जानकारी दी।

ईरान ने सार्वजनिक रूप से अपने यूरेनियम को छोड़ने की प्रतिबद्धता नहीं जताई है – जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक प्रमुख मांग है – और हाल के हफ्तों में दोनों पक्ष एक समझौते के करीब पहुंचते दिखे हैं, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया है।

भारतीय, ऑस्ट्रेलियाई और जापानी अधिकारियों के साथ बैठकों के लिए भारत का चार दिवसीय दौरा कर रहे रुबियो ने कहा कि वार्ता में “महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, हालांकि यह अंतिम प्रगति नहीं है”, और दुनिया को अब ईरान द्वारा परमाणु हथियार हासिल करने से डरने की जरूरत नहीं होगी, हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया।

भारत में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया पर रूबियो को जवाब देते हुए कहा कि परमाणु प्रौद्योगिकी पर तेहरान का “अविभाज्य” अधिकार है। ईरान हमेशा से यह दावा करता रहा है कि उसका कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, जबकि वह लगभग हथियार-स्तर के यूरेनियम का संवर्धन कर रहा है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने ईरान के सरकारी टीवी से कहा कि वह “दुनिया को यह भरोसा दिलाने के लिए तैयार हैं कि हम परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं”।

जलडमरूमध्य के फिर से खुलने से 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजराइल द्वारा की गयी अचानक बमबारी के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट का समाधान शुरू हो जाएगा। हमले के कारण तेहरान ने महत्वपूर्ण जलमार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था। तेल, गैस और कई अन्य उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि माल ढुलाई और कीमतों को युद्ध-पूर्व स्तर पर वापस आने में कई सप्ताह या महीने भी लग सकते हैं।

हाल के हफ्तों में अमेरिका ने अपनी बमबारी अभियान को फिर से शुरू करने की धमकी दी थी, जिससे संभवतः ‘बंद’ की अवधि बढ़ जाती और खाड़ी में इजराइल और अमेरिका के सहयोगी ऊर्जा उत्पादकों के खिलाफ ईरान की जवाबी कार्रवाई हो सकती थी।

शनिवार को ट्रंप ने कहा कि इजराइल और अन्य क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ बातचीत के बाद समझौते पर “काफी हद तक सहमति” बन चुकी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “समझौते के अंतिम पहलुओं और विवरण पर फिलहाल चर्चा जारी है और जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी।”

इस वार्ता पर चर्चा करने वाले दो क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, संभावित समझौते के तहत तेहरान अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के अपने भंडार को छोड़ने पर सहमत होगा।

वार्ता की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को कैसे छोड़ेगा, इस पर 60 दिनों की अवधि के दौरान और बातचीत होगी। अधिकारी ने कहा कि कुछ मात्रा को कम संवर्धित किया जाएगा, जबकि शेष को किसी तीसरे देश, संभवतः रूस को हस्तांतरित किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के अनुसार, ईरान के पास 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है जिसे 60 प्रतिशत शुद्धता तक संवर्धित किया गया है, जो कि हथियार-ग्रेड 90 प्रतिशत स्तर से एक तकनीकी कदम कम है।

भारत में ईरान के दूतावास के अनुसार, ईरान ने कहा है कि परमाणु विज्ञान और प्रौद्योगिकी का शांतिपूर्ण उपयोग एक वैध अधिकार है जिसे वह “कभी नहीं छोड़ेगा”।

ट्रंप ने ईरान से 2015 के बराक ओबामा शासनकाल के समझौते के तहत आवश्यक रियायतों से कहीं अधिक रियायतें मांगी हैं, जिससे अमेरिका बाद में ट्रंप के शासनकाल में पीछे हट गया था।

शनिवार को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगई ने सरकारी समाचार एजेंसी को बताया कि ईरान और अमेरिका के रुख में “मतभेद कम हो रहे हैं”, लेकिन परमाणु वार्ता के दौरान पिछले एक साल में दो बार हमले का शिकार होने के बाद ईरान सतर्क है।

प्रमुख मध्यस्थ के रूप में शामिल पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ईरानी अधिकारियों के साथ और अधिक बातचीत के बाद शनिवार देर रात तेहरान से रवाना हो गए।

अधिकारियों ने बताया कि समझौते के तहत, अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी समाप्त करने के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य धीरे-धीरे फिर से खुल जाएगा।

वार्ता की जानकारी रखने वाले दूसरे अधिकारी ने बताया कि अमेरिका प्रतिबंधों में छूट देकर ईरान को अपना तेल बेचने की अनुमति देगा। अधिकारी ने आगे कहा कि प्रतिबंधों में राहत और ईरान के जब्त किये गए धन पर 60 दिनों की समयसीमा के दौरान बातचीत की जाएगी।

दोनों अधिकारियों ने कहा कि मसौदा समझौते में इजराइल और लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला आतंकवादी समूह के बीच युद्ध की समाप्ति के साथ-साथ क्षेत्र के देशों के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप न करने की प्रतिबद्धता भी शामिल है।

दोनों अधिकारियों ने कहा कि मसौदा समझौते में इजरायल और लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला आतंकवादी समूह के बीच युद्ध की समाप्ति के साथ-साथ क्षेत्र के देशों के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप न करने की प्रतिबद्धता भी शामिल है।

इजराइली अधिकारियों को इस बात की चिंता है कि ईरान के सहयोगी लेबनानी आतंकवादी समूह हिजबुल्ला, इजराइल के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है और लेबनान इसे निरस्त्र करने के लिए पर्याप्त क्षमता नहीं रखता।

बातचीत के बारे में जानकारी रखने वाले एक अधिकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप को चेतावनी दी कि इजराइल “लेबनान सहित सभी क्षेत्रों में खतरों के खिलाफ कार्रवाई की स्वतंत्रता रखता है।”

अधिकारी ने कहा कि ट्रंप ने नेतन्याहू को स्पष्ट कर दिया है कि वह इस शर्त के बिना किसी भी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे कि ईरान अपना पूरा परमाणु कार्यक्रम समाप्त कर दे और देश से सभी समृद्ध यूरेनियम को हटा दे।

एपी प्रशांत सुभाष

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