राजनीतिक ध्रुवीकरण पर आधारित नॉर्वे की पृष्ठभूमि वाली फिल्म ‘फ्योर्ड’ ने कान में पाम डी’ओर जीता

राजनीतिक ध्रुवीकरण पर आधारित नॉर्वे की पृष्ठभूमि वाली फिल्म ‘फ्योर्ड’ ने कान में पाम डी’ओर जीता

राजनीतिक ध्रुवीकरण पर आधारित नॉर्वे की पृष्ठभूमि वाली फिल्म ‘फ्योर्ड’ ने कान में पाम डी’ओर जीता
Modified Date: May 24, 2026 / 02:57 pm IST
Published Date: May 24, 2026 2:57 pm IST

कान, 24 मई (एपी) रोमानिया के निर्देशक क्रिस्टियन मुंगियू की राजनीतिक ध्रुवीकरण पर आधारित फिल्म ‘फ्योर्ड’ ने कान फिल्मोत्सव में पाम डी’ओर पुरस्कार अपने नाम किया।

मुंगियू को दूसरी बार कान फिल्म महोत्सव का यह शीर्ष सम्मान मिला है। वह इससे पहले ‘फोर मंथ्स, थ्री वीक्स एंड टू डेज’ के लिए यह पुरस्कार जीत चुके हैं।

नॉर्वे की पृष्ठभूमि पर आधारित ‘फ्योर्ड’ को 79वें कान फिल्म महोत्सव में उसकी प्रभावशाली कहानी के लिए व्यापक पैमाने पर सराहा गया। मुंगियू ने इस फिल्म को ‘‘वामपंथी कट्टरता’’ की कहानी बताया। फिल्म में सेबेस्टियन स्टैन और रेनेत रींसवे ने रोमानियाई ईसाई दंपति की भूमिका निभाई है जो नॉर्वे चले जाते हैं, लेकिन बच्चों को पीटने के कारण बाल सेवा विभाग उनके बच्चों को उनसे अलग कर देता है।

मुंगियू ने कहा, ‘‘आज समाज बंटा हुआ है, विभाजित है। वह कट्टर हो गया है।… यह फिल्म हर तरह की कट्टरता के खिलाफ एक संकल्प है। यह उन बातों के पक्ष में है, जिनका हम अक्सर जिक्र करते हैं, जैसे आघात, समावेशन और सहानुभूति।’’

मुंगियू पाम डी’ओर दो बार जीतने वाले 10वें फिल्मकार बन गए हैं।

आंद्रेई ज्व्यागिंत्सेव की ‘मिनोटॉर’ ने ग्रां प्री यानी दूसरा पुरस्कार अपने नाम किया।

सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार दो निर्देशकों ने साझा किया। पोलैंड के फिल्मकार पावेल पावलिकोव्स्की को फिल्म ‘फादरलैंड’ के लिए और स्पेन के जेवियर एम्ब्रोसी एवं जेवियर काल्वो को ‘द ब्लैक बॉल’ के लिए यह पुरस्कार दिया गया।

रयूसुके हामागुची की फिल्म ‘ऑल ऑफ अ सडन’ की दो अभिनेत्रियों वर्जिनी एफिरा और ताओ ओकामोटो ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार साझा किया।

इसी प्रकार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी दो कलाकारों को मिला। लुकास धोंट की फिल्म ‘कावर्ड’ के दो कलाकारों इमैनुएल माकिया और वैलेंटिन कैंपेन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया।

सर्वश्रेष्ठ पटकथा का पुरस्कार इमैनुएल मार को ‘ए मैन ऑफ हिज टाइम’ के लिए दिया गया।

जूरी पुरस्कार यानी तीसरा स्थान जर्मन फिल्मकार वालेस्का ग्रिसेबाख की ‘द ड्रीम्ड एडवेंचर’ को मिला।

एपी सिम्मी प्रशांत

प्रशांत


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