पाकिस्तान ने अफगान सीमा पर 29 आतंकवादियों को मार गिराया, एक-दूसरे के राजनयिकों को तलब किया

पाकिस्तान ने अफगान सीमा पर 29 आतंकवादियों को मार गिराया, एक-दूसरे के राजनयिकों को तलब किया

पाकिस्तान ने अफगान सीमा पर 29 आतंकवादियों को मार गिराया, एक-दूसरे के राजनयिकों को तलब किया
Modified Date: June 29, 2026 / 09:44 pm IST
Published Date: June 29, 2026 9:44 pm IST

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, 29 जून (भाषा) पाकिस्तान ने सोमवार को कहा कि उसके सुरक्षा बलों ने अफगान सीमा के पास चलाए गए एक जमीनी अभियान और उसके बाद सीमा पार से किए हवाई हमलों में कम से कम 29 आतंकवादियों को मार गिराया।

वहीं, सीमा पर तनाव की हालिया घटनाओं को लेकर राजनयिक विरोध दर्ज कराने के लिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने एक-दूसरे के राजनयिकों को तलब किया।

कराची में पाकिस्तानी रेंजर्स के मुख्यालय पर हाल में हुए हमले को लेकर पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अफगानिस्तान के राजनयिक को तलब किया और आरोप लगाया कि इस हमले को अंजाम देने के लिए अफगान नागरिकों और उनके क्षेत्र का इस्तेमाल किया गया था।

जवाब में अफगानिस्तान ने काबुल में पाकिस्तान के राजनयिक को तलब कर कुनार, पक्तिया और पक्तिका प्रांतों में आवासीय क्षेत्रों पर पाकिस्तान के कथित हवाई हमलों का विरोध किया। काबुल ने इन हमलों को अपने हवाई क्षेत्र और संप्रभुता का उल्लंघन बताया।

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ता तरार ने कहा कि अफगानिस्तान में आतंकवादियों के ठिकानों और पनाहगाहों पर यह कार्रवाई खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में हाल में हुई आतंकी वारदातों और शनिवार को कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के सिंध शिविर पर हुए हमले के जवाब में की गई।

तरार ने कहा कि सुरक्षा बलों ने 28 जून को खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के पास आतंकवादियों के एक समूह के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर जमीनी अभियान चलाया, जिसमें चार आतंकवादी मारे गए।

उन्होंने बताया कि 28-29 जून की रात को ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ के तहत सटीक हमले किए गए, जिसमें पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में आतंकवादी शिविरों और ठिकानों को निशाना बनाया।

तरार के मुताबिक, हमलों में तीन प्रांतों में तीन ठिकानों को नष्ट कर दिया गया, जिसमें 25 आतंकवादी मारे गए और वहां भारी मात्रा में मौजूद हथियार और गोला-बारूद नष्ट हो गया।

उन्होंने कहा, “सुरक्षा बलों ने विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा क्षेत्र में जमात-उल-अहरार और फितना अल-खवारिज के आतंकी शिविरों और ठिकानों पर जमीनी कार्रवाई के बाद सुनियोजित तरीके से सीमापार हमले किए, जिसमें कुल 29 ख्वारिज मारे गए।”

पाकिस्तान ‘फितना-अल-ख्वारिज’ का इस्तेमाल आधिकारिक तौर पर प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और उससे संबद्ध आतंकवादी समूहों के लिए करता है। जमात-उल-अहरार टीटीपी से संबद्ध आतंकवादी समूह है।

पाकिस्तान ने रविवार को अफगानिस्तान के शीर्ष राजनयिक सरदार अहमद खान शकीब को तलब किया और इस हफ्ते की शुरुआत में कराची में पाकिस्तान रेंजर्स मुख्यालय पर हुए हमले को लेकर औपचारिक राजनयिक विरोध दर्ज कराया।

विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने सोमवार को कहा, “अफगानिस्तान के शीर्ष राजनयिक को कल रात विदेश मंत्रालय में तलब किया गया था और कराची आतंकवादी हमले के संबंध में कड़ा विरोध दर्ज कराया गया था।”

उन्होंने कहा, “इसी तरह का विरोध काबुल में पाकिस्तान के राजदूत उबैद-उर-रहमान निजामानी ने भी अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के समक्ष दर्ज कराया।”

अंद्राबी ने आरोप लगाया कि कराची हमले में अफगान नागरिक शामिल थे, जिससे पता चलता है कि अफगान क्षेत्र और नागरिकों का इस्तेमाल पाकिस्तान के अंदर हमलों को अंजाम देने के लिए किया जाता रहा है।

दूसरी ओर, अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर कहा कि उसने काबुल में पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब कर पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र के उल्लंघन और कुनार, पक्तिया और पक्तिका प्रांतों में रिहायशी इलाकों पर बमबारी के खिलाफ “कड़ा विरोध” दर्ज कराया है।

मंत्रालय ने आरोप लगाया कि रिहायशी इलाकों पर पाकिस्तानी हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित 36 नागरिक मारे गए और 163 अन्य घायल हो गए।

मंत्रालय ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवीय सिद्धांतों और अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया। उसने हालिया आतंकवादी हमलों के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराने वाले पाकिस्तान के आरोपों को भी खारिज कर दिया और इस्लामाबाद पर अपनी आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों का दोष अफगानिस्तान पर मढ़ने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के आरोपों पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

इससे पहले, पाकिस्तानी सेना ने बताया था कि कराची में रेंजर्स मुख्यालय पर हुए हमले में तीन सैनिक मारे गए। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने तीन हमलावरों को मार गिराया, जबकि एक घायल आतंकवादी को गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रतिबंधित संगठन ‘जमात-उल-अहरार’ ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।

सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए घायल हमलावर ने पूछताछ में बताया कि वह अफगानिस्तान का निवासी है और इस हमले की योजना वहीं बनाई गई थी। उसने यह भी दावा किया कि इस हमले में बाजौर के एक स्थानीय आतंकवादी ने मदद की थी।

पाकिस्तान लंबे समय से काबुल की तालिबान सरकार पर सीमा पार आतंकवादी हमलों के लिए आतंकवादियों को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है। हालांकि, अफगान तालिबान इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है।

पाकिस्तान ने 26 फरवरी को ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू किया था। उसका कहना है कि यह अभियान अफगान तालिबान की ओर से 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा पर 53 स्थानों पर किए गए कथित हमलों के जवाब में शुरू किया गया।

भाषा पारुल माधव

माधव


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