पराग कण से सिर्फ छींक नहीं आती, अस्थमा का मरीज न होने पर भी यह एकाएक अस्थमा बढ़ा सकते हैं |

पराग कण से सिर्फ छींक नहीं आती, अस्थमा का मरीज न होने पर भी यह एकाएक अस्थमा बढ़ा सकते हैं

पराग कण से सिर्फ छींक नहीं आती, अस्थमा का मरीज न होने पर भी यह एकाएक अस्थमा बढ़ा सकते हैं

: , October 6, 2022 / 02:37 PM IST

(श्यामली धर्मगे, जो डगलस और सबरीना इड्रोस, मेलबर्न विश्वविद्यालय)

मेलबर्न, 6 अक्टूबर (द कन्वरसेशन) जलवायु परिवर्तन के कारण हिमखंड पिघलने, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं होती हैं। यह परागण के स्तर में वृद्धि भी ला सकता है, परागण के मौसम की अवधि को बढ़ा सकता है, और परागण से होने वाली संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

पराग के महीन कण जब नाक या आंखों की नम झिल्लियों के रास्ते शरीर में प्रवेश करते हैं तो पांच में से एक व्यक्ति को ‘हे फीवर’ (एलर्जिक राइनाइटिस) होता है। इसमें अक्सर नाक बंद हो जाती है या लगातार बहती और आंखों में खुजली होती है।

परागण के मौसम में, अस्थमा से पीड़ित लोगों को खास तौर से परेशानी होती है।

परागण अस्थमा में तूफानी बढ़ोतरी कर सकता है, यहां तक ​​कि उन लोगों में भी जिन्हें अस्थमा और हे फीवर का निदान नहीं किया गया है।

तूफानी अस्थमा क्या है?

आंधी-तूफान के कारण तापमान में गिरावट और आर्द्रता में अचानक वृद्धि होती है। इससे घास के पराग के दाने फटकर सूक्ष्म कणो में बदल जाते हैं, जो फेफड़ों में गहराई तक प्रवेश कर जाते हैं, जो तूफानी अस्थमा का कारण बनता है।

इस वजह से, बहुत से लोग – यहां तक ​​कि जिन्हें कोई ज्ञात अस्थमा नहीं है – प्रभावित हो सकते हैं।

2016 के घास पराग के मौसम के दौरान मेलबर्न में तूफानी अस्थमा की सबसे बड़ी घटना हुई – इससे करीब 10,000 लोग प्रभावित हुए और अस्पताल के आपातकालीन विभाग श्वसन संबंधी तकलीफ वाले कम से कम 3,000 मरीजों से भर गए। दुख की बात है कि उस रात दस लोगों की दमे से मौत हो गई।

तूफानी अस्थमा का खतरा किसे है?

जिन लोगों को अस्थमा का इतिहास नहीं है, उन्हें भी तूफानी अस्थमा होने का खतरा होता है। हालांकि, शोध से पता चला है कि कुछ लोग दूसरों की तुलना में पराग के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। इसमें शामिल हैं:

– पराग एलर्जी वाले लोग, विशेष रूप से राईग्रास पराग एलर्जी

– वे लोग जिन्हें अस्थमा, हे फीवर, सर्दी, और कोविड जैसी श्वसन संबंधी स्थितियां हैं

– आंधी के समय घर से बाहर रहने वाले लोग

– वे लोग जो एशियाई मूल के हैं

– बहुत से पौधों वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग

– खाद्य एलर्जी या एक्जिमा वाले बच्चे

– वायु प्रदूषण के उच्च स्तर के संपर्क में आने वाले

– निम्न सामाजिक आर्थिक स्थिति वाले, स्वास्थ्य देखभाल तक कम पहुंच और खराब गुणवत्ता वाले आवास लक्षणों को बढ़ा सकते हैं।

हमारे शोध में, हमने पाया कि सह-मौजूदा एलर्जी की स्थिति वाले लोग (जैसे अस्थमा और हे फीवर) पराग से अधिक प्रभावित होते हैं, जो एकल एलर्जी की स्थिति (जैसे केवल अस्थमा) वाले लोगों की तुलना में अधिक होते हैं।

पराग और कैसे नुकसान पहुंचा सकता है?

आंधी-तूफान के बगैर भी, अकेले पराग अस्थमा के हमलों का कारण बन सकता है, जिसमें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है, श्वसन संबंधी लक्षण जैसे कि घरघराहट और नाक बहना, और फेफड़ों की कार्यक्षमता कम हो जाती है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है।

कम मृत्यु दर के बावजूद, एलर्जी संबंधी अस्थमा और हे फीवर अतिरिक्त स्वास्थ्य देखभाल लागत और खराब शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य जैसे बोझ का कारण बन सकते हैं।

हमारे अभी तक प्रकाशित नहीं हुए शोध से पता चला है कि घास पराग एक सामान्य स्थिति में बढ़ी हुई प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं को ट्रिगर कर सकता है, जिससे बच्चों में एक्जिमा का खतरा बढ़ जाता है।

अन्य अध्ययनों से संकेत मिलता है कि इसमें एक्जिमा वाले बच्चों में इसके लक्षण बढ़ जाते हैं जैसे कि तीव्र खुजली और घास के पराग के उच्च स्तर वाले दिनों में दाने निकलना।

आप कैसे तैयारी कर सकते हैं?

तो, घास पराग के मौसम और थंडरस्ट्रॉम दमा के खतरे की तैयारी के लिए आप क्या कर सकते हैं?

– अपने राज्य की आपातकालीन सेवा ऐप डाउनलोड करें, जैसे कि विक्टोरियन इमरजेंसी ऐप, जो थंडरस्ट्रॉम अस्थमा अलर्ट प्रदान कर सकता है

– पराग की गिनती पर नज़र रखें

– उच्च पराग के दिनों में दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें

– एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें- उच्च पराग संख्या या थंडरस्ट्रॉम अस्थमा अलर्ट के दौरान घर के अंदर रहें

– यदि आपके पास बगीचा है तो बिना अलर्जी वाले फूल लगाएं

– फेस मास्क पहनें। कोविड-19 संक्रमण और पराग-प्रेरित श्वसन लक्षणों के जोखिम को कम करने में मास्क बहुत प्रभावी साबित हुए हैं

– अस्थमा-रोधी दवाएं लें

यदि आप जानते हैं कि आप अस्थमा, हे फीवर या पराग एलर्जी से पीड़ित हैं, तो आपको थंडरस्ट्रॉम अस्थमा का खतरा है।

चेतावनी प्रणाली का लाभ उठाने और तूफान से दूर रहने के अलावा, आपको अपने डॉक्टर के पास जाना चाहिए और पराग के मौसम में अपने आप को सुरक्षित रखने के उपचार के बारे में जानना चाहिए। आपका डॉक्टर आपको सही इलाज की सलाह दे सकता है।

हमारे अपने अनुसंधान सहित कुछ अनुसंधानों से पता चला है कि पराग के संपर्क में आने पर फेफड़ों और वायुमार्ग पर धीरे धीरे प्रभाव पड़ सकता है। इसका मतलब है कि अस्थमा के दौरे या श्वसन संबंधी लक्षण कभी-कभी एक्सपोजर के कुछ दिनों बाद हो सकते हैं। इसलिए, यदि आप समय से पहले दवाएं लेना भूल जाते हैं, तो अभी देर नहीं हुई है। हालांकि, अगर यह गंभीर हो जाए तो अस्पताल जाएं।

द कन्वरसेशन एकता एकता

एकता

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)