प्रतिबंधों से रूस के रक्षा क्षेत्र पर भी असर पड़ा : ब्रिटेन |

प्रतिबंधों से रूस के रक्षा क्षेत्र पर भी असर पड़ा : ब्रिटेन

प्रतिबंधों से रूस के रक्षा क्षेत्र पर भी असर पड़ा : ब्रिटेन

: , August 11, 2022 / 05:19 PM IST

कीव, 11 अगस्त (एपी) रूस से कोयला आयात करने पर यूरोपीय संघ का पूर्ण प्रतिबंध बृहस्पतिवार को शुरू हो गया। इस बीच ब्रिटिश खुफिया आसूचना के मुताबिक, पश्चिम द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का असर बढ़ रहा है और रूस का रक्षा निर्यात भी प्रभावित हुआ है।

ब्रिटेन ने कहा कि यूक्रेन में अपने सैनिकों के लिए बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों का उत्पादन करने की आवश्यकता से मास्को पहले से ही जूझ रहा है और इसलिए जिस क्षेत्र को लेकर वह लंबे समय तक गर्व का प्रदर्शन करता रहा है उसमें निर्यात आदेशों को पूरा कर पाने में उसके सक्षम होने की संभावना कम है।

अद्यतन ब्रिटिश रक्षा आसूचना ने रेखांकित किया कि “पश्चिमी प्रतिबंधों का बढ़ता प्रभाव” उस पश्चिमी मान्यता से मेल खाता है कि यूक्रेन पर फरवरी में रूसी हमले के बाद से उसके खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध रूसी अर्थव्यवस्था पर तेजी से प्रभाव डाल रहे हैं।

अद्यतन जानकारी में कहा गया है कि युद्ध और प्रतिबंधों के कारण, “उसकी सैन्य औद्योगिक क्षमता अब महत्वपूर्ण रूप से दबाव में है, और रूसी बलों के खराब प्रदर्शन के कारण उसकी कई हथियार प्रणालियों की विश्वसनीयता उसके सहयोगियों में कम हो गई है”।

रूस की सैन्य विश्वसनीयता बुधवार को तब और अधिक दबाव में आ गई जब यूक्रेन ने कहा कि रूसी-नियंत्रित क्रीमिया में एक हवाई अड्डे पर विस्फोटों की एक श्रृंखला में नौ रूसी युद्धक विमान नष्ट हो गए। यह एक यूक्रेनी हमले का परिणाम प्रतीत होता है।

रूस ने इस बात से इनकार किया कि धमाकों में कोई विमान क्षतिग्रस्त हुआ है या कोई हमला हुआ है। हालांकि उपग्रह तस्वीरों से साफ पता चलता है कि बेस पर कम से कम सात लड़ाकू विमान नष्ट हो गए हैं और संभवत: कई अन्य क्षतिग्रस्त हुए हैं।

ब्रिटिश रक्षा मंत्री बेन वालेस ने धमाकों के रूसी स्पष्टीकरण को “बहाना” बताकर खारिज कर दिया, जिसमें एक सिगरेट के टुकड़े से आग लगने की बात भी शामिल है।

बृहस्पतिवार को रूस से कोयले के आयात पर यूरोपीय संघ का प्रतिबंध प्रभावी हो रहा है। 27 देशों के यूरोपीय संघ ने कहा कि यह रूसी कोयले के निर्यात के लगभग 25 प्रतिशत को प्रभावित करेगा और प्रति वर्ष लगभग आठ अरब डॉलर का नुकसान होगा।

यूक्रेन में लड़ाई में रूस को लगातार नुकसान होने के बीच सैनिकों की भर्ती के प्रयासों को छुपाया जा रहा है और सैनिकों की कमी को पूरा करने के लिए कैदियों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब इस तरह की खबरें हैं कि रूसी सैनिक लड़ने से इनकार कर रहे हैं और सेना छोड़ने की कोशिश में हैं।

एपी प्रशांत माधव

माधव

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)