यूएई ने देशद्रोह के आरोपी यमन के अलगाववादी नेता को देश से बाहर भेज दिया : सऊदी अरब

यूएई ने देशद्रोह के आरोपी यमन के अलगाववादी नेता को देश से बाहर भेज दिया : सऊदी अरब

यूएई ने देशद्रोह के आरोपी यमन के अलगाववादी नेता को देश से बाहर भेज दिया : सऊदी अरब
Modified Date: January 8, 2026 / 01:31 pm IST
Published Date: January 8, 2026 1:31 pm IST

दुबई, आठ जनवरी (एपी) सऊदी अरब ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने देशद्रोह के आरोप में वांछित यमन के अलगाववादी नेता को तस्करी कर देश से बाहर भेजा और विमान से अबू धाबी पहुंचाया।

इस दावे पर यूएई ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इस घटना के बाद अरब प्रायद्वीप के पड़ोसी देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है क्योंकि यमन में वर्षों से जारी युद्ध में उनकी साझेदारी टूट गई है।

सऊदी अरब की सेना के एक बयान में दावा किया गया है कि सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (एसटीसी) के नेता ऐदारौस अल-जुबैदी यमन से नौका के जरिए सोमालिया भाग गए। बयान में कहा गया है कि इसके बाद यूएई के अधिकारी अल-जुबैदी को यूएई की राजधानी अबू धाबी ले गए।

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संयुक्त अरब अमीरात एसटीसी के नाम से जानी जाने वाली परिषद का प्रमुख समर्थक रहा है, जिसने हाल के दिनों में सऊदी अरब और यूएई के बीच टकराव को जन्म दिया है। यह तनाव तब बढ़ा जब एसटीसी के लड़ाकों ने दो प्रांतों में बढ़त हासिल कर ली और यमन से अलग होने की तैयारी करते दिखाई दिए।

सऊदी की ओर से सऊदी अरब के मेजर जनरल तुर्की अल-मलकी ने अपने बयान में यूएई के एक मेजर जनरल पर अल-जुबैदी को कथित रूप से भागने में मदद करने का आरोप लगाया है। साथ ही, उनका कोड नाम (नोम-दे-गुएर) भी उजागर किया गया, जो खाड़ी अरब देशों के सौहार्दपूर्ण संबंधों के माहौल में बेहद असामान्य बात है।

बयान में यह भी संकेत दिया गया कि अभियान में इस्तेमाल किया गया इल्युशिन इल-76 विमान इथियोपिया, लीबिया और सोमालिया जैसे ‘‘संघर्षग्रस्त क्षेत्रों’’ में इस्तेमाल किया गया था। ये वही मार्ग हैं जिनके माध्यम से, पूर्व में अमीराती सेना पर हथियारों की तस्करी करने का आरोप लगाया गया है।

यूएई ने उन क्षेत्रों में हथियारों की आपूर्ति के आरोपों से इनकार किया है। ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) द्वारा टिप्पणी के लिए किए गए अनुरोध पर यूएई के विदेश मंत्रालय ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

एसटीसी ने भी इस आरोप को तुरंत स्वीकार नहीं किया और बुधवार को कहा कि अल-जुबैदी अदन में ही थे, जहां ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ गठबंधन करने वाली सेनाएं यमन की राजधानी सना पर विद्रोहियों के कब्जे के बाद से वर्षों से एकत्रित हैं।

दक्षिणी यमन में वर्ष 2022 से प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल (पीएलसी) का शासन है, जिसमें जुबैदी और अन्य लोग शामिल थे। बुधवार को इस नेतृत्व परिषद ने अल-जुबैदी को निष्कासित कर दिया और उन पर राजद्रोह का आरोप लगाया, क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर वार्ता के लिए सऊदी अरब जाने से इनकार कर दिया था।

यह सऊदी अरब द्वारा एसटीसी के खिलाफ ताजा कार्रवाई मानी जा रही है, जिसने हाल में समूह और हथियारों की एक खेप पर हवाई हमले भी किए थे और उसके बारे में सऊदी अरब का कहना है कि हथियारों की यह खेप यूएई से आई थी।

एपी सुरभि मनीषा

मनीषा


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