(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 24 मई (भाषा) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राजनयिक प्रयासों की रविवार को प्रशंसा की और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर सहित विभिन्न नेताओं के साथ बातचीत ‘‘सार्थक’’ रही।
ट्रंप ने शनिवार को सऊदी अरब, कतर, तुर्किये, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), जॉर्डन और पाकिस्तान के नेताओं से फोन पर बातचीत की।
ट्रंप ने ईरान में मौजूद पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से भी फोन पर बात की। मुनीर ने ईरान के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की और अमेरिका एवं ईरान के बीच ‘‘निर्णायक समझौते’’ तक पहुंचने के प्रयासों में तेजी लाने पर चर्चा की।
मुनीर की यात्रा समाप्त होने पर राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बयान में कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते पर एक समझौता ज्ञापन को लेकर ‘‘काफी हद तक बातचीत’’ हो चुकी है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, ‘‘समझौते के अंतिम पहलुओं और विवरणों पर फिलहाल चर्चा जारी है और जल्द इसकी घोषणा की जाएगी।’’
मुस्लिम बहुल देशों के नेताओं और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अलग-अलग बातचीत के बाद ट्रंप ने यह घोषणा की।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ ने अपने बयान में ट्रंप की प्रशंसा करते हुए क्षेत्र में शांति के प्रयासों को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा,‘‘मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शांति की दिशा में किए गए उनके असाधारण प्रयासों और आज सऊदी अरब, कतर, तुर्किये, मिस्र, यूएई, जॉर्डन और पाकिस्तान के नेताओं के साथ टेलीफोन पर हुई अत्यंत उपयोगी और सार्थक वार्ता के लिए बधाई देता हूं।’’
उन्होंने कहा कि टेलीफोन वार्ता में मुनीर ने पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया और ‘‘इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उनके अथक प्रयासों की मैं बहुत सराहना करता हूं।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘चर्चाओं ने वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करने और क्षेत्र में स्थायी शांति लाने के लिए जारी शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने का एक उपयोगी अवसर प्रदान किया।’’
उन्होंने यह भी कहा कि ‘‘पाकिस्तान पूरी ईमानदारी से अपने शांति प्रयासों को जारी रखेगा और उम्मीद है कि हम जल्द वार्ता के अगले दौर की मेजबानी करेंगे।’’
आठ अप्रैल को घोषित युद्धविराम के बाद अमेरिका और ईरान के बीच पहली आमने-सामने की गहन वार्ता की मेजबानी पाकिस्तान ने ही की थी।
हालांकि शांति प्रयास किसी समझौते पर नहीं पहुंच सका, लेकिन इस्लामाबाद ने कई अन्य मुस्लिम देशों के सहयोग से अपनी पहल को आगे बढ़ाया।
पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघदम ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान द्वारा किए गए हालिया मध्यस्थता प्रयासों के बाद उनके देश और अमेरिका के बीच शांति समझौते की दिशा में सकारात्मक प्रगति हो रही है।
मोघदम ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान से लौटने के बाद, ‘‘मेरे देश के अधिकारियों के साथ हुई वार्ताओं की उपलब्धियों पर मुझे बधाई दी।’’
उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘अगर दूसरा पक्ष पर्याप्त रूप से प्रतिबद्ध हो तो हम सकारात्मक प्रगति की आशा और उम्मीद कर सकते हैं। यह इस्लामी गणराज्य ईरान के गरिमा पर आधारित रुख, साहसी सशस्त्र बलों की दृढ़ता तथा पाकिस्तानी मध्यस्थता की पहल और समर्पित प्रयासों का परिणाम है।’’
उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर सहित पाकिस्तान सरकार और सेना द्वारा मध्यस्थता की पहल तथा उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार एवं गृह मंत्री मोहसिन नकवी के ईमानदार राजनयिक प्रयासों से क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होगी।
उन्होंने पाकिस्तान और उसके नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘मैं अपनी ओर से इन सभी के ईमानदार प्रयासों के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।’’
यह बयान पाकिस्तान सेना द्वारा सेना प्रमुख की ईरान यात्रा के सफल समापन की घोषणा के बाद आया है, जिसका उद्देश्य संघर्ष को समाप्त करना था।
भाषा
सुरभि अमित
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