इस्लामिक स्टेट ने नाइजर की राजधानी में वायुसेना अड्डे पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली

इस्लामिक स्टेट ने नाइजर की राजधानी में वायुसेना अड्डे पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली

इस्लामिक स्टेट ने नाइजर की राजधानी में वायुसेना अड्डे पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली
Modified Date: January 31, 2026 / 08:47 am IST
Published Date: January 31, 2026 8:47 am IST

डकार (सेनेगल), 31 जनवरी (एपी) इस्लामिक स्टेट चरमपंथी संगठन ने नाइजर की राजधानी में एक वायुसेना अड्डे पर हुए हमले की शुक्रवार को जिम्मेदारी ली।

इस हमले में चार सैनिक घायल हो गए और एक विमान को नुकसान पहुंचा।

संगठन की प्रचार शाखा ‘अमाक न्यूज एजेंसी’ ने एक बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। बयान में कहा गया कि नियामी में किया गया यह ‘‘एक अचानक और समन्वित हमला’’ था जिसने भारी नुकसान पहुंचाया।

सरकारी टेलीविजन चैनल के अनुसार, नाइजर की सेना ने बृहस्पतिवार तड़के हमले का त्वरित जवाब देते हुए 20 हमलावरों को मार गिराया और 11 को गिरफ्तार कर लिया।

नाइजर के जुंटा नेता जनरल अब्दुरहमान चियानी ने फ्रांस, बेनिन और आइवरी कोस्ट के राष्ट्रपतियों पर राजधानी नियामी में वायुसेना के एक अड्डे पर हमला करने वाले सशस्त्र समूहों का समर्थन करने का आरोप लगाया।

जनरल चियानी ने बृहस्पतिवार देर रात सरकारी टेलीविजन से कहा, ‘‘हम उन भाड़े के सैनिकों के प्रायोजकों- इमैनुएल मैक्रों (फ्रांस के राष्ट्रपति), पैट्रिस टैलन (बेनिन के राष्ट्रपति) और अलासाने औटारा (आइवरी कोस्ट के राष्ट्रपति) को याद दिलाना चाहते हैं कि हमने उनकी धमकियां बहुत सुन ली हैं और अब उन्हें हमारी दहाड़ सुनने के लिए तैयार रहना चाहिए।’’

नियामी का हवाई अड्डा रणनीतिक रूप से अहम है और वहां सैन्य अड्डे, नाइजर-बुर्किना फासो-माली संयुक्त बल का मुख्यालय और यूरेनियम का एक बड़ा भंडार स्थित है। यूरेनियम का यह भंडार फ्रांस की परमाणु कंपनी ओरानो के साथ विवाद का केंद्र भी है।

एपी सिम्मी गोला

गोला


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