सऊदी अरब और तुर्किये के साथ त्रिपक्षीय रक्षा समझौता ‘पूरी तरह रक्षात्मक प्रकृति’ का है: पाकिस्तान

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सऊदी अरब और तुर्किये के साथ त्रिपक्षीय रक्षा समझौता ‘पूरी तरह रक्षात्मक प्रकृति’ का है: पाकिस्तान

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  • Publish Date - August 12, 2026 / 09:22 PM IST,
    Updated On - August 12, 2026 / 09:22 PM IST

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, 12 अगस्त (भाषा) पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि पिछले सप्ताह उसने सऊदी अरब और तुर्किये के साथ जिस त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, वह “पूरी तरह रक्षात्मक प्रकृति का है’’।

विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने यहां संवाददाता सम्मेलन के दौरान समझौते को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में कहा, ‘‘यह समझौता पाकिस्तान की जनता की इच्छाओं के अनुरूप है।’’

उन्होंने कहा कि यह समझौता ‘‘पूरी तरह रक्षात्मक प्रकृति का है, जो सदस्य देशों के लिए खतरों और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होकर प्रयास करने की अनुमति देता है।’’

अंद्राबी ने हालांकि अपनी टिप्पणी में किसी भी देश का नाम नहीं लिया।

इस सप्ताह की शुरुआत में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इस्हाक डार ने भी कहा था कि यह रक्षा समझौता “किसी भी देश के खिलाफ लक्षित नहीं है’’।

पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने सात अगस्त को ‘‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’’ पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच हुआ।

तीनों देशों द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है, ‘‘रक्षा समझौते का उद्देश्य किसी भी आक्रामक कार्रवाई के खिलाफ सामूहिक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना है। इसमें यह प्रावधान है कि तीनों देशों में से किसी एक पर किया गया कोई भी सशस्त्र हमला, तीनों देशों पर हमला माना जायेगा।’’

भारत ने मंगलवार को कहा था कि वह पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए रक्षा समझौते के देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन कर रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा था, ‘‘जहां तक इस समझौते का सवाल है, हम भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिहाज से इसके प्रभावों का आकलन कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा था, ‘‘भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस संबंध में सभी जरूरी कदम उठाएगा।’’

भाषा

देवेंद्र पवनेश

पवनेश