अमेरिका की अपीलीय अदालत ने अलबामा में नाइट्रोजन गैस से मृत्युदंड देने की प्रक्रिया पर चिंता जताई
अमेरिका की अपीलीय अदालत ने अलबामा में नाइट्रोजन गैस से मृत्युदंड देने की प्रक्रिया पर चिंता जताई
मोंटगोमरी (अमेरिका), नौ जून (एपी) अमेरिका की एक संघीय अपीलीय अदालत ने सोमवार को चिंता जताते हुये कहा कि कैदियों को मृत्युदंड देने के लिए अलबामा द्वारा नाइट्रोजन गैस के इस्तेमाल पर यह जांच और अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है कि क्या यह संविधान में निहित क्रूर और असामान्य दंड के निषेध नियमों का उल्लंघन करता है।
यह फैसला उस निर्धारित मृत्युदंड से कुछ दिन पहले आया है, जिसमें इसी विधि का उपयोग किया जाना है।
अलबामा राज्य की ओर से 2024 में पहली बार अपनाए गए मृत्युदंड के इस तरीके में दोषी व्यक्ति के चेहरे पर एक श्वसन मास्क लगाया जाता है और सांस लेने योग्य हवा की जगह शुद्ध नाइट्रोजन गैस दी जाती है, जिससे ऑक्सीजन की कमी के कारण उसकी मृत्यु हो जाती है।
मृत्युदंड प्राप्त कैदी जेफरी ली ने पिछले वर्ष नाइट्रोजन गैस से मृत्युदंड देने की विधि को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर किया था।
ली (58) को दक्षिणी अलाबामा की एक जेल में बृहस्पतिवार को नाइट्रोजन गैस का इस्तेमाल कर मृत्यंदंड दिया जाना है।
इससे पहले एक संघीय न्यायाधीश ने फैसला दिया था कि नाइट्रोजन गैस का इस्तेमाल कर मृत्युदंड देने की यह प्रक्रिया क्रूर और असामान्य दंड पर संवैधानिक प्रतिबंध का उल्लंघन नहीं करती।
हालांकि, तीन न्यायाधीशों वाली अपीलीय अदालत की पीठ ने सोमवार को ली के प्रस्तावित मृत्युदंड पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिया। लेकिन पीठ ने अधीनस्थ अदालत के न्यायाधीश से यह विचार करने को कहा कि वैकल्पिक रूप से गोली मार कर मृत्यंदंड की व्यवस्था व्यवहार्य है या नहीं।
ली को 1998 में एक डकैती के दौरान दो लोगों की हत्या का दोषी ठहराया गया था। दोषी के अधिवक्ताओं ने स्थानीय सरकार से आग्रह किया था कि जब तक इस मामले में उनकी कानूनी चुनौती पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक मृत्युदंड की तारीख अधिकृत न की जाए।
इससे पहले नाइट्रोजन गैस का इस्तेमाल कर अब तक अलबामा में सात दोषियों को मृत्युदंड दिया जा चुका है।
एपी रंजन सुरभि
सुरभि

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