अमेरिका ने चीन के परमाणु परीक्षण का खुलासा किया, देशों से निरस्त्रीकरण के लिए दबाव बनाने का आह्वान
अमेरिका ने चीन के परमाणु परीक्षण का खुलासा किया, देशों से निरस्त्रीकरण के लिए दबाव बनाने का आह्वान
जेनेवा, 24 फरवरी (एपी) अमेरिका के शस्त्र नियंत्रण और अप्रसार ब्यूरो के सहायक विदेश मंत्री क्रिस्टोफर यिआव ने लगभग छह साल पहले चीन द्वारा किए गए गुप्त परमाणु परीक्षण के बारे में सोमवार को नयी जानकारी साझा की और अन्य देशों से आग्रह किया कि वे चीन और रूस पर परमाणु निरस्त्रीकरण करने के लिए कदम उठाने का दबाव बनाएं।
इस महीने अमेरिका और रूस के बीच आखिरी परमाणु हथियार समझौते की समाप्ति के बाद यिआव ने संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक संस्था के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस समझौते की अवधि खत्म होने से दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों के हथियारों पर लगी सीमाएं समाप्त हो गई हैं।
यिआव ने चीन से अधिक पारदर्शिता की मांग की और ‘न्यू स्टार्ट’ संधि की कुछ कमियों की ओर इशारा करते हुए उदाहरण दिया कि इसमें रूस के गैर-रणनीतिक परमाणु हथियारों के विशाल भंडार का कोई समाधान नहीं किया गया।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र समर्थित निरस्त्रीकरण सम्मेलन में कहा, “लेकिन शायद इसकी सबसे बड़ी कमी यह थी कि ‘न्यू स्टार्ट’ संधि ने चीन द्वारा अभूतपूर्व, सुनियोजित और गुप्त रूप से तैयार किए गए परमाणु हथियारों को ध्यान में नहीं रखा।”
यिआव ने कहा कि चीन ने “जानबूझकर और बेरोक-टोक अपने परमाणु हथियार भंडार में भारी विस्तार किया,” जबकि उसने ऐसा न करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने चीन के “लक्ष्य” या उद्देश्यों के बारे में पारदर्शिता की कमी पर खेद व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, “हम मानते हैं कि चीन अगले चार या पांच साल में बराबरी हासिल कर सकता है।”
यिआव ने सोमवार को जिनेवा में एक रूसी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और मंगलवार को चीनी और अन्य प्रतिनिधिमंडलों से मिलने वाले हैं। अमेरिकी अधिकारी पहले ही अपने साझेदारों के साथ कई दौर की बैठक कर चुके हैं जिसमें परमाणु हथियार रखने वाले फ्रांस और ब्रिटेन शामिल हैं।
एपी खारी गोला
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