Sexual Addiction for Another Person: गैर मर्दों से संबंध बनाने की लत…13 साल में इतने लोगों के साथ किया सेक्स, पति की हत्या के बाद खुला राज, यहां पढ़ें पति-पत्नी और वो की पूरी कहानी

Sexual Addiction for Another Person: गैर मर्दों से संबंध बनाने की लत...13 साल में इतने लोगों के साथ किया सेक्स, पति की हत्या के बाद खुला राज, यहां पढ़ें पति-पत्नी और वो की पूरी कहानी

Sexual Addiction for Another Person: गैर मर्दों से संबंध बनाने की लत…13 साल में इतने लोगों के साथ किया सेक्स, पति की हत्या के बाद खुला राज, यहां पढ़ें पति-पत्नी और वो की पूरी कहानी

Sexual Addiction for Another Person: गैर मर्दों से संबंध बनाने की लत...13 साल में इतने लोगों के साथ किया सेक्स, पति की हत्या के बाद खुला राज, यहां पढ़ें पति-पत्नी और वो की पूरी कहानी / Image: Symbolic

Modified Date: July 7, 2026 / 03:59 pm IST
Published Date: July 7, 2026 3:57 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया
  • हत्या को पूर्व नियोजित साजिश के तहत अंजाम दिए जाने के संकेत मिले
  • हत्या में इस्तेमाल की गई कथित लोहे की रॉड और मृतक के मोबाइल फोन बरामद

किशनगंज: Sexual Addiction for Another Person पति-पत्नी और वो…आज कल ऐसे ही मामले सामने आ रहे हैं। कुछ मामलों में पति ने पत्नी की हत्या कर दी तो कुछ मामलों में पति को ही मौत के घाट उतार दिया गया। आज तेलंगाना से भी ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पत्नी ने अपने पति को टायलेट क्लीनर का इंजेक्शन देकर मार डाला। वहीं, अब 3 जुलाई की रात बिहार के किशनगंज में हुई हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा है। दरअसल आरोपी पत्नी को गैर मर्दों से संबंध बनाने की ऐसी लत लगी थी कि वो खुद भी नहीं जानती कि कितने मर्दों के साथ संबंध बना चुकी है। इस बात का खुलासा खुद पत्नी ने किया है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।

13 साल में मई मदों से बनाया संबंध

Sexual Addiction for Another Person मिली जानकारी के अनुसार 4 जुलाई की सुबह डेजी के पति रिजवान की घर में लाश मिलने के बाद सनसनी फैल गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस को पत्नी डेजी के घड़ियाली आंसू देखकर लगा कि शायद ये अपने पति की हत्या नहीं कर सकती। लेकिन जब संदेह के आधार पर पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने खुलासा कि पुलिस के पैरों तले जमीन खिसक गई। डेजी ने बताया कि “आप लोग कहते हैं कि मेरे 6 बॉयफ्रेंड हैं। मुझे तो खुद याद नहीं कि इन 13 सालों में कितने लोग मेरी जिंदगी में आए। मैं छह नहीं, कई मर्दों के जंजाल में फंसी हूं, और जहां तक पति रिजवान की बात है तो शादी के बाद वह मेरे साथ 13 दिन भी नहीं रहा।

पुलिस पूछताछ में डेजी ने बताया, “साल 2013 के सितंबर महीने में मेरी शादी रिजवान से हुई। शादी के बाद वह मुझे लेकर अपने माता-पिता से अलग बिशनपुर में हमारे हिस्से की जमीन पर रहने आया। हम नई जिंदगी शुरू ही कर रहे थे कि करीब 18 दिन बाद उसे कुवैत से उसके मालिक का फोन आया। कहा गया कि छुट्टी खत्म हो गई है, अगर जल्दी नहीं लौटे तो नौकरी चली जाएगी। यह सुनते ही रिजवान मुझे गांव में अकेला छोड़कर कुवैत चला गया। जाते समय उसने कहा था कि जल्द पैसे भेजेगा, ताकि घर अच्छे से बन सके।” शुरुआत में मेरे ससुर मोहम्मद आलम मेरा हालचाल लेने आते थे। बाद में उनका आना भी कम हो गया। मैं कभी बहादुरगंज जाती, कभी मायके चली जाती, लेकिन आखिर में बिशनपुर में ही रहने लगी।

रिजवान के दोस्त से बढ़ी करीबी

डेजी ने आगे बताया कि रिजवान करीब हर दो साल पर छुट्टी लेकर घर आता था। कुछ दिन हमारे साथ रहता और फिर वापस कुवैत चला जाता। इसी दौरान मेरे दो बच्चे हुए। मेरा बड़ा बेटा आज करीब 12 साल का है और छोटी बेटी 8 साल की है। दोनों बच्चे रिजवान के हैं। लेकिन बच्चों के जन्म के बाद भी मेरी जिंदगी का ज्यादातर समय अकेले ही बीता।” डेजी ने कहा, “साल 2016 की बात है। एक दिन तेज बारिश हो रही थी। तभी एक लड़का मेरे घर आया। उसने अपना नाम आफताब बताया और कहा कि वह रिजवान का दोस्त है। मैंने कहा कि रिजवान तो कुवैत में रहते हैं। वह कुछ देर बैठा और चला गया। करीब चार दिन बाद वह फिर आया। इस बार उसने कहा कि भाभी, आपके लिए दार्जिलिंग से चायपत्ती लाया हूं। उसने मुझे दो पैकेट चायपत्ती दी और चाय बनाने को कहा। मैंने उसे रिजवान का दोस्त समझकर मना नहीं किया। इसके बाद वह हर दूसरे-तीसरे दिन घर आने लगा। कभी चाय पीने के बहाने, तो कभी घंटों बैठकर बातें करने के लिए।”

6 साल बाद जिंदगी में लौटा पुराना आशिक

आरोपी पत्नी ने बताया कि “अनवर मेरा पुराना दोस्त था। वह समय-समय पर मेरी हेल्प करता था। मैं उसे बचपन से पसंद करती थी। पहले मेरी शादी भी उसी से होने वाली थी, लेकिन घर वालों ने मेरी शादी रिजवान से करा दी। साल 2019 में मैंने रिजवान को फोन किया। फोन एक महिला ने उठाया। मैंने पूछा कि आप कौन हैं, तो उसने खुद को रिजवान की पत्नी बताया। उस वक्त मुझे लगा कि रिजवान मेरी जिंदगी से पूरी तरह दूर जा चुका है। मेरी हिम्मत टूट गई। इसके बाद मैंने अनवर को फोन किया। जब मैंने उसे रिजवान की दूसरी शादी करने की बात बताई तो उसने मेरा साथ दिया। धीरे-धीरे हम दोनों करीब आ गए। पिछले करीब पांच साल से वह हर सुख-दुख में मेरे साथ था। वह मेरे दोनों बच्चों को अपनाने तक की बात करता था।”

वहीं, “18 जून 2026 को रिजवान अचानक कुवैत से लौट आया। उसने बताया कि जिस कंपनी में वह काम करता था, वह बंद हो गई है और अब वह हमेशा के लिए भारत में ही रहेगा। मुझे लगा कि जिन बातों को मैं इतने सालों से छिपाकर जी रही हूं, वे अब सबके सामने आ जाएंगी। रिजवान को नहीं पता था कि इन वर्षों में मेरी जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है। “3 जुलाई की सुबह रिजवान मुझे लेकर बहादुरगंज के टंगटंगी गांव गया, जहां उसके माता-पिता रहते हैं। हम करीब दो घंटे वहां रुके। साथ में खाना खाया। घर-परिवार और जमीन-जायदाद को लेकर भी कुछ बातें हुईं। इसके बाद दोपहर में हम वापस बिशनपुर लौटने लगे। रास्ते में हमने मिठाई और कबाब खरीदे।

पूरी तैयारी से आया था अनवर

शाम को घर पहुंचने के बाद रिजवान कुछ देर के लिए बाजार चला गया। पूरे दिन मेरी अनवर से बात नहीं हुई थी। जब मैंने फोन देखा तो उसके कई मिस्ड कॉल थे। मैंने उसे फोन कर उसे दिनभर की बात बताई। मैंने उसे बताया कि रिजवान कह रहा है कि वह दोबारा कुवैत नहीं जाएगा और अब यहीं रहकर परिवार के साथ जिंदगी बिताएगा। यह सुनकर अनवर नाराज हो गया। उसने मुझसे मिलने के लिए कहा, लेकिन मैंने मना कर दिया। इसके बाद मैंने उसे रात में पूरी तैयारी के साथ आने को कहा। रात करीब 9 बजे रिजवान बाजार से लौटा। हमने साथ बैठकर कबाब खाए और फिर सो गए। उस समय मेरी 8 साल की बेटी भी घर में थी। बेटा मेरे मायके में रहता है।

रात करीब एक बजे अनवर का फोन आया। उसने कहा कि वह घर के बाहर खड़ा है और गेट खोल दूं। मैं उठी और चुपचाप गेट खोल दिया। अनवर पहले से पूरी तैयारी करके आया था। उसके हाथ में लोहे की रॉड थी। घर के अंदर घुसते ही वह सीधे उस कमरे में गया, जहां रिजवान सो रहा था। उसने बिना कुछ बोले लोहे की रॉड से रिजवान के सिर पर लगातार वार किए। कुछ ही देर में रिजवान की मौत हो गई। उस समय मैं वहीं थी, लेकिन उसे रोक नहीं सकी। घटना के बाद मैंने अनवर का साथ देना शुरू किया। मैंने रिजवान का मोबाइल फोन और एक छोटा मोबाइल अनवर को दे दिया, ताकि कोई सबूत न बचे। दोनों मोबाइल वो अपने साथ ले गया। बाद में उसने मुझे बताया कि हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड पानी भरे गड्ढे में फेंक दी और मोबाइल फोन बांसवाड़ी में छिपा दिए। सुबह जब लोग घर पहुंचे तो मैंने खुद को अनजान दिखाया। पुलिस को गुमराह करने के लिए मैंने चोरी की कहानी गढ़ी, ताकि किसी को अनवर पर शक न हो। लेकिन पुलिस की पूछताछ में मैं ज्यादा देर तक सच छिपा नहीं सकी और पूरी साजिश का खुलासा हो गया।”

डेजी ने ही अनवर को फोन कर घर का गेट खोला था

SDPO खुसरू सिराज ने बताया, “4 जुलाई की सुबह बिशनपुर थाना क्षेत्र में रिजवान की हत्या की सूचना मिली। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉयड की मदद से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए। शुरुआत में घटना को चोरी के दौरान हुई हत्या का रूप देने की कोशिश की गई थी, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियां और परिवार के सदस्यों से पूछताछ में कई विरोधाभास सामने आए। इसके बाद हमने मृतक की पत्नी डेजी से गहन पूछताछ शुरू की। “तकनीकी इनपुट और स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस ने अनवर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने भी हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और मृतक के दोनों मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ में यह भी सामने आया कि हत्या पूरी योजना के तहत की गई थी। घटना वाली रात डेजी ने ही अनवर को फोन कर घर का गेट खोला था। इसके बाद अनवर घर में घुसा और सो रहे रिजवान के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही इस कांड से जुड़े अन्य सभी पहलुओं की भी जांच जारी है।”

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लेखक के बारे में

"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"