बिहार में जनादेश के अनुरूप काम कर रही राजग सरकार : विजय चौधरी

बिहार में जनादेश के अनुरूप काम कर रही राजग सरकार : विजय चौधरी

बिहार में जनादेश के अनुरूप काम कर रही राजग सरकार : विजय चौधरी
Modified Date: June 30, 2026 / 05:08 pm IST
Published Date: June 30, 2026 5:08 pm IST

पटना, 30 जून (भाषा) बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को कहा कि राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार जनता से मिले जनादेश के अनुरूप काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि बाढ़ और संभावित सूखे, दोनों ही परिस्थितियों से निपटने के लिए विभाग ने पहले ही व्यापक तैयारी कर ली है।

चौधरी ने भ्रष्टाचार या अनियमितता के आरोपों पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि यदि किसी के पास ऐसे मामलों के ठोस प्रमाण हैं तो सरकार उनकी जांच कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।

उपमुख्यमंत्री ने जनता दल (यूनाइटेड) के पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनने तथा संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश देने के बाद यह बात कही।

पार्टी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार चौधरी ने कहा कि बिहार की जनता ने वर्ष 2025 से 2030 तक के लिए राजग को जनादेश दिया है और सरकार उसी के अनुरूप कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास और सुशासन की जो कार्यशैली स्थापित हुई, उसे आगे बढ़ाने का प्रयास जारी है।

चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी पदभार ग्रहण करने के बाद कई बार स्पष्ट किया है कि सरकार विकास और सुशासन की उसी नीति पर आगे बढ़ेगी, जो पहले से लागू रही है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय के कारण बिहार की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिली है। राज्य के विकास से जुड़ी योजनाओं को मंजूरी मिलने के साथ आर्थिक सहयोग भी प्राप्त हो रहा है।

उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग की परियोजनाओं में भी केंद्र का निरंतर सहयोग मिल रहा है, जिससे विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में सुविधा हुई है।

बाढ़ की तैयारियों के संबंध में चौधरी ने कहा कि बिहार की स्थिति केवल राज्य में होने वाली वर्षा पर निर्भर नहीं रहती। उन्होंने कहा कि नेपाल में अधिक वर्षा होने पर उत्तर बिहार में घाघरा, गंडक, कोसी और महानंदा जैसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है। वहीं दक्षिण बिहार में झारखंड में होने वाली भारी बारिश का असर भी नदियों पर पड़ता है, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष नालंदा, जहानाबाद तथा दक्षिण बिहार के आसपास के कई जिले बाढ़ से प्रभावित हुए थे। इस वर्ष अब तक स्थिति सामान्य है, लेकिन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। संवेदनशील तटबंधों को सुदृढ़ किया गया है तथा आपातकालीन सामग्री पहले से उपलब्ध करा दी गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

चौधरी ने कहा कि सरकार ने बाढ़ और अल्पवृष्टि, दोनों ही स्थितियों को ध्यान में रखते हुए नयी व्यवस्था लागू की है। इसके तहत बाढ़ के दौरान अतिरिक्त पानी को नहरों और जलाशयों में संग्रहित किया जाएगा। बाद में कम वर्षा की स्थिति में इसी पानी का उपयोग किसानों को सिंचाई उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य केवल बाढ़ नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को हर मौसम में सिंचाई का पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना भी उसकी प्राथमिकता है।

भाषा

कैलाश रवि कांत


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