Amarnath Yatra 2026 Registration: इसदिन से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा, पढ़ लें रजिस्ट्रेशन, टोकन, RFID और यात्रा से जुड़े सभी जरूरी नियम

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए जम्मू में ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन के टोकन का वितरण 1 जुलाई से शुरू होगा।

Amarnath Yatra 2026 Registration: इसदिन से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा, पढ़ लें रजिस्ट्रेशन, टोकन, RFID और यात्रा से जुड़े सभी जरूरी नियम

Amarnath Yatra 2026 Registration/Photo Credit: AI Image

Modified Date: June 30, 2026 / 02:32 pm IST
Published Date: June 29, 2026 9:55 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अमरनाथ यात्रा के ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन के लिए टोकन वितरण 1 जुलाई से शुरू होगा
  • रजिस्ट्रेशन और RFID जारी करने की प्रक्रिया 2 जुलाई से शुरू होगी
  • 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी, जबकि पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू से रवाना होगा

जम्मू। Amarnath Yatra 2026 Registration: वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए मौके पर पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं को टोकन का वितरण मंगलवार से शुरू होगा, जबकि पंजीकरण की प्रक्रिया अगले दिन से आरंभ होगी। जम्मू के उपायुक्त राकेश मिन्हास ने सोमवार को यह जानकारी दी।

तीन जुलाई से शुरू होगी यात्रा

करीब 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर की 57 दिवसीय वार्षिक यात्रा तीन जुलाई से शुरू होगी। यात्रा अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे, लेकिन अधिक दुर्गम बालटाल मार्ग से संचालित होगी। श्रद्धालुओं का पहला जत्था दो जुलाई को जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से रवाना होगा।

सुबह 6 बजे से वितरित किए जाएंगे टोकन

Amarnath Yatra 2026 Registration मिन्हास ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘तवी नदी तट पर टोकन वितरण के लिए 10 काउंटर स्थापित किए गए हैं। मंगलवार सुबह छह बजे से पारदर्शी तरीके से टोकन वितरित किए जाएंगे। टोकनधारकों का पंजीकरण और आरएफआईडी जारी करने की प्रक्रिया अगले दिन से शुरू होगी।’’ उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंजीकरण, आवास, स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन सहित व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तवी रिवरफ्रंट पर टोकन केंद्र के साथ ई-केवाईसी और आरएफआईडी पंजीकरण काउंटर भी स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, पिछले वर्षों की तरह गीता भवन, राम मंदिर और भगवती नगर में भी पंजीकरण केंद्र संचालित होंगे।

 4,000 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था

Amarnath Yatra 2026 Registration उपायुक्त ने कहा कि तवी रिवरफ्रंट पर लगभग 4,000 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है। वहां 100 से अधिक शौचालय और स्नानघर, चौबीसों घंटे चलने वाले लंगर, बिस्तर, पंखे और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी है। सुरक्षा व्यवस्था हो या श्रद्धालुओं की सुविधाएं, हर स्तर पर यह सुनिश्चित किया गया है कि जम्मू में उनका प्रवास आरामदायक रहे।’’

मिन्हास ने जम्मू के लोगों से डोगरा आतिथ्य की परंपरा को बनाए रखने की अपील करते हुए परिवहन संचालकों, व्यापारियों, दुकानदारों और होटल संचालकों से श्रद्धालुओं को अतिथि मानकर व्यवहार करने तथा उनसे अधिक शुल्क नहीं लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह अधिक पैसे वसूलने का समय नहीं है। यदि कोई श्रद्धालु रास्ता भटक जाए तो उसे सही स्थान तक पहुंचाने में मदद करें। एक गिलास पानी पिलाना भी जम्मू की उदारता का परिचायक है।’’

उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन चाहता है कि जम्मू केवल यात्रा के पड़ाव के रूप में नहीं, बल्कि एक पर्यटन और धार्मिक शहर के रूप में भी पहचान बनाए। उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू मंदिरों का शहर है। हम चाहते हैं कि श्रद्धालु यहां कुछ समय बिताएं, बाजारों में जाएं, पर्यटन और धार्मिक स्थलों का भ्रमण करें तथा यहां की संस्कृति और खान-पान का अनुभव करें। जल्द ही एक नयी पहल शुरू की जाएगी जिसके तहत श्रद्धालुओं को बाहु किला, रणबीरेश्वर मंदिर, रघुनाथ मंदिर, अखनूर किला और चक्कन दा बाग में होने वाले रिट्रीट समारोह जैसे स्थलों के भ्रमण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।’’

मिन्हास ने भरोसा दिलाया कि यात्रा के दौरान शहर का सामान्य जनजीवन प्रभावित नहीं होगा क्योंकि इस वर्ष किसी भी सड़क को बंद नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले वर्षों में सड़कें बंद रहने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों दोनों को परेशानी होती थी। इस बार व्यापक इंतजामों के बावजूद कोई सड़क बंद नहीं होगी और शहर में सामान्य आवाजाही जारी रहेगी।’’

पात्र व्यक्ति को केवल एक ही टोकन

Amarnath Yatra 2026 Registration मिन्हास ने बताया कि तवी रिवरफ्रंट श्रद्धालुओं के लिए मुख्य सुविधा केंद्र होगा। रेलवे स्टेशन की ओर से, जिसमें नरवाल मार्ग भी शामिल है, दो प्रवेश द्वार बनाए गए हैं और दोनों स्थानों पर पंजीकरण काउंटर स्थापित किए गए हैं। टोकन वितरण प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट करते हुए मिन्हास ने कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु को स्वयं उपस्थित होकर टोकन लेना होगा और प्रत्येक पात्र व्यक्ति को केवल एक ही टोकन जारी किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘परिवार के सभी सदस्यों को भी अलग-अलग कतार में लगना होगा। निर्धारित नियमों के अनुसार 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों और 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को यात्रा की अनुमति नहीं है।’’ फर्जी टोकन और पंजीकरण में धोखाधड़ी की शिकायतों पर उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं से ठगी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मिन्हास ने कहा, ‘‘कुछ अनधिकृत केंद्र श्रद्धालुओं से पैसे लेकर विशेष तिथियों के लिए कूपन कार्ड जारी करते हैं। पिछले वर्षों में ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई थी और इस वर्ष भी ऐसा ही किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के भीतर या बाहर का कोई भी व्यक्ति यदि इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.