प्रशांत किशोर को पता है कि वह चुनाव नहीं जीतेंगे, इसलिए मैदान से हटे: गिरिराज सिंह

प्रशांत किशोर को पता है कि वह चुनाव नहीं जीतेंगे, इसलिए मैदान से हटे: गिरिराज सिंह

प्रशांत किशोर को पता है कि वह चुनाव नहीं जीतेंगे, इसलिए मैदान से हटे: गिरिराज सिंह
Modified Date: October 15, 2025 / 06:56 pm IST
Published Date: October 15, 2025 6:56 pm IST

पटना, 15 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बुधवार को जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के फैसले को लेकर उन पर निशाना साधा और दावा किया कि किशोर को पता है कि वह चुनाव नहीं जीत पाएंगे।

सिंह ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में कहा, “प्रशांत किशोर का यह कहना कि अगर जन सुराज पार्टी को 150 से कम सीटें मिलती हैं तो यह हार मानी जाएगी, ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ जैसा है।”

गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया, “किशोर को समझ में आ गया कि वह चुनाव नहीं जीतेंगे, इसलिए उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी। उन्होंने जन सुराज पार्टी बनाने में जो निवेश किया था, वह वापस निकाल लिया है। उनकी पार्टी सिर्फ ‘वोट काटने वाली पार्टी’ है, जन सुराज वास्तव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ‘बी टीम’ है।”

प्रशांत किशोर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए विशेष साक्षात्कार में कहा है कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने दावा किया कि यह फैसला पार्टी के बड़े हित में लिया गया है।

किशोर का कहना था कि “150 से कम सीटें मिलना” उनकी पार्टी के लिए हार मानी जाएगी।

गिरिराज सिंह ने दावा किया कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 243 में से 225 सीटें जीतेगा।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राजग सरकार ने बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत काम किया है। जनता ने सरकार का काम देखा है। इस बार राजग अपने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए कम से कम 225 सीटें जीतेगा।”

गौरतलब है कि 2010 के विधानसभा चुनाव में भाजपा-जद (यू) गठबंधन ने 210 सीटें जीती थीं।

सिंह ने महागठबंधन पर चुनाव से पहले “झूठे वादे” करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “राजद ने हाल ही में घोषणा की है कि अगर महागठबंधन सत्ता में आया तो बिहार के हर ऐसे घर से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाएगी, जिसमें कोई सरकारी नौकरी वाला नहीं है। लेकिन राजद बताए कि इतने पद कहां से सृजित करेगा? यह जनता को गुमराह करने वाला वादा है। लोग अब जंगलराज की वापसी नहीं चाहते।”

भाजपा नेता ने कहा कि राजद बिहार को “फिर से लालटेन युग में ले जाना चाहती है।”

उन्होंने कहा, “वे ‘चरवाहा मॉडल’ की बात करते हैं। यह अब नहीं चलेगा। मोदी जी और नीतीश जी बिहार को विकसित राज्य बनाना चाहते हैं।”

गौरतलब है कि 1990 के दशक की शुरुआत में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने ‘चरवाहा विद्यालय’ योजना शुरू की थी, जो पांच से 15 वर्ष की उम्र के उन गरीब बच्चों के लिए थी जो पशु चराया करते थे, लेकिन यह योजना बुरी तरह विफल रही।

भाषा कैलाश

राजकुमार हक

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