भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद पहला मौका मिलते ही बांकीपुर छोड़ दिया: प्रशांत किशोर
भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद पहला मौका मिलते ही बांकीपुर छोड़ दिया: प्रशांत किशोर
पटना, छह जुलाई (भाषा) जन सुराज पार्टी के संस्थापक एवं बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर संसद पहुंचने का पहला अवसर मिलते ही बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को ‘‘छोड़ देने’’ का आरोप लगाया।
पिछले विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन लगातार पांचवीं बार इस सीट से विजयी रहे थे। इस उपचुनाव में इस सीट से जीत हासिल करने की कोशिश कर रहे किशोर ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद गुजरात विधानसभा की अपनी सीट नहीं छोड़ी थी।
किशोर ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘मुझे पता है कि भाजपा बांकीपुर को अपना गढ़ मानती है। यहां के मतदाताओं ने बार-बार नितिन नवीन पर भरोसा जताया है। लेकिन नितिन नवीन ने उन्हें भूलने में देर नहीं लगाई। संसद जाने का पहला अवसर मिलते ही उन्होंने यह सीट छोड़ दी।’’
उन्होंने भाजपा के इस दावे को भी खारिज किया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का बिहार विधानसभा का सदस्य बने रहना संभव नहीं था और इसी कारण वह अप्रैल में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनाव अभियान का प्रबंधन कर चुके ‘आईपैक’ (आई-पीएसी) के संस्थापक किशोर ने कहा, ‘‘हमारे सामने अमित शाह का उदाहरण है। जब वह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे, तब गुजरात विधानसभा के सदस्य थे। उन्होंने अपनी विधानसभा सीट नहीं छोड़ी थी। नितिन नवीन के लिए दिल्ली जाना कोई मजबूरी नहीं थी। यह उनका अपना फैसला था।’’
अमित शाह 2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे और 2017 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने तक गुजरात की नारनपुरा विधानसभा सीट से विधायक बने रहे।
वैसे, किशोर ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी यह चुनाव नितिन नवीन द्वारा सीट छोड़ने के मुद्दे पर नहीं लड़ रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम लोगों से हमें वोट देने की अपील कर रहे हैं ताकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राज्य की अहंकारी भाजपा सरकार को सबक सिखाया जा सके।’’
किशोर ने दावा किया, ‘‘भाजपा के कई नेता कहते हैं कि बांकीपुर से यदि पार्टी किसी बिल्ली या कुत्ते को भी टिकट दे दे तो वह चुनाव जीत जाएगा। यह इस बात का संकेत है कि भाजपा इस क्षेत्र के मतदाताओं को कितनी हल्के में लेती है। बिहार के सबसे समृद्ध और सबसे अधिक शिक्षित लोगों में यहां के मतदाता शामिल हैं। जन सुराज पार्टी की जीत भाजपा को यह संदेश देगी कि वह मतदाताओं को हल्के में नहीं ले सकती।’’
बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव 30 जुलाई को है। इस सीट पर 1990 के दशक से कभी चुनाव नहीं हारने वाली भाजपा और उसके मुख्य प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रीय जनता दल (राजद)-कांग्रेस गठबंधन ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है।
भाषा कैलाश
राजकुमार
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