बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव लड़ेंगे प्रशांत किशोर, समर्थन के मुद्दे पर राजद एवं कांग्रेस बंटी

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव लड़ेंगे प्रशांत किशोर, समर्थन के मुद्दे पर राजद एवं कांग्रेस बंटी

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव लड़ेंगे प्रशांत किशोर, समर्थन के मुद्दे पर राजद एवं कांग्रेस बंटी
Modified Date: July 5, 2026 / 06:59 pm IST
Published Date: July 5, 2026 6:59 pm IST

पटना, पांच जुलाई (भाषा) जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में रविवार को ताल ठोक दी। उन्होंने इस उपचुनाव को राज्य की भाजपा नीत सरकार की लोकप्रियता पर ‘जनमत संग्रह’ करार दिया।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने यह सीट खाली की थी।

यहां खचाखच भरे संवाददाता सम्मेलन में इस घोषणा का पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार तालियां बजाकर स्वागत किया तथा चुनाव रणनीतिकार रहे किशोर ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के ‘चार लाख मतदाताओं’ से ‘बदलाव लाने के लिए वोट करने’ की अपील की।

नवीन 2006 से बांकीपुर विधानसभा सीट पर काबिज थे। इस साल अप्रैल में राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उन्होंने बिहार विधानसभा से इस्तीफ़ा दे दिया था। इस निर्वाचन क्षेत्र में 30 जुलाई को उपचुनाव होगा।

किशोर के फैसले ने चुनावी मुकाबले को एक हाई-प्रोफाइल टक्कर में बदल दिया है जिससे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और उसकी सहयोगी पार्टी कांग्रेस के बीच गहरी फूट पड़ गई है। दोनों ही पार्टियां पिछले कुछ दशकों से इस सीट पर भाजपा से टक्कर लेती रही हैं लेकिन उन्हें कोई कामयाबी नहीं मिली।

कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने कहा, ‘‘किशोर को राहुल गांधी से संपर्क करना चाहिए ताकि उन्हें विपक्ष के उम्मीदवार के तौर पर समर्थन देने पर निर्णय लिया जा सके। यह सीट भाजपा का गढ़ है और किशोर के मैदान में उतरने से मुकाबला हाई-प्रोफाइल हो गया है। इंडिया गठबंधन को राजग के खिलाफ अपनी बात रखने के लिए इस मौके का फायदा उठाना चाहिए।’’

हालांकि, राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने इस सुझाव को मिश्रा की ‘निजी राय’ बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि केवल गांधी एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को ही ‘उस पार्टी का रुख’ माना जा सकता है।

उन्होंने कहा कि राजद ने ‘पिछले साल विधानसभा चुनाव में बांकीपुर सीट से चुनाव लड़ा था और हम उपचुनाव में भी ऐसा ही करेंगे।’’

जब प्रेसवार्ता में किशोर से पूछा गया कि क्या वह कांग्रेस और राजद का समर्थन मांगेंगे तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘‘सिर्फ उन्हीं से क्यों, मैं तो भाजपा से भी समर्थन मांगूंगा। मेरे चुनाव लड़ने से राज्य सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इससे बिहार की ठहरी हुई राजनीति में एक ऐसा बदलाव आएगा जिसकी बहुत जरूरत है।’’

किशोर (48) ने कहा, ‘‘बांकीपुर के लोग बिहार में सबसे अमीर और सबसे पढ़े-लिखे हैं। उन्हें सबसे अच्छे उम्मीदवार को वोट देने दें। अगर उन्हें लगता है कि वे मुझ पर भरोसा कर सकते हैं, तो मैं उनसे मुझे वोट देने की अपील करता हूं…अपनी पार्टी का अकेला विधायक होने के बावजूद, मैं विधानसभा के बाकी 242 विधायकों पर भारी पड़ूंगा।’’

उन्होंने फिर कहा कि भाजपा नेता सम्राट चौधरी ‘जनादेश के बिना’ मुख्यमंत्री बन गये, क्योंकि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार को अपना चेहरा बनाकर जीत हासिल की थी।

कुमार ने कुछ महीने पहले ही मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया । वह राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए।

पूर्व चुनावी रणनीतिकार किशोर ने कहा, ‘‘ आगामी उपचुनाव सम्राट चौधरी की दो महीने पुरानी सरकार के कामकाज पर जनमत संग्रह होगा। अगर भाजपा जीतती है, तो मुझे यह मानने में कोई हिचक नहीं होगी कि उसे जनसमर्थन हासिल है। अगर हम जीतते हैं, तो उसे समझ जाना होगा।’’

पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी के खराब प्रदर्शन को याद करते हुए आईपैक के संस्थापक किशोर ने कहा, ‘‘हम बिहार के लोगों को यह समझाने में सफल नहीं हो पाए कि हम वाकई गंभीर हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी, हम लगभग 18 लाख वोट हासिल कर पाए। पिछले कुछ सालों से मैंने अपना सारा समय और ऊर्जा बिहार में ‘जन सुराज’ को एक राजनीतिक विकल्प के तौर पर खड़ा करने में लगाई है। और अगले एक दशक तक मेरा यही एकमात्र काम होगा।’’

किशोर पिछले कुछ हफ्तों से संकेत दे रहे थे कि वह यह उपचुनाव लड़ने के इच्छुक हैं।

किशोर ने आज कहा कि पिछले सप्ताह इस उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित होने के शीघ्र बाद जन सुराज पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में औपचारिक निर्णय लिया गया।

प्रेसवार्ता के बाद ऐसा लगा कि चुनाव रणनीतिकार ने तय कर लिया है कि अब देवताओं को मनाने का समय आ गया है। उन्होंने शहर के सबसे बड़े मंदिरों में पूजा-अर्चना की और उसके बाद एक अन्य पूजा स्थल पर ‘रुद्राभिषेक’ किया।

नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी, जो 13 जुलाई तक चलेगी। मतदान 30 जुलाई को होगा। तीन अगस्त को मतों की गिनती होगी।

वर्ष 1990 के दशक से यह सीट जीतती आ रही भाजपा इसे बनाए रखने को लेकर आश्वस्त दिख रही है। हालांकि, उसने अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।

पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के जनशक्ति जनता दल ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को मैदान में उतारा है।

तेज प्रताप यादव को उनके पिता लालू प्रसाद ने राजद से निष्कासित कर दिया था जिसके बाद उन्होंने जनशक्ति जनता दल का गठन किया था।

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश


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