तेजस्वी और उपमुख्यमंत्री सिन्हा ने भरा नामांकन: जदयू और भाजपा ने जारी की उम्मीदवारों की एक और सूची
तेजस्वी और उपमुख्यमंत्री सिन्हा ने भरा नामांकन: जदयू और भाजपा ने जारी की उम्मीदवारों की एक और सूची
(तस्वीरों के साथ)
पटना, 15 अक्टूबर (भाषा) बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए बुधवार को कई शीर्ष नेताओं ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए, जिनमें राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और विपक्षी ‘महागठबंधन’ में मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार तेजस्वी यादव और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेता और मौजूदा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा शामिल हैं।
तेजस्वी यादव ने राघोपुर सीट से नामांकन दाखिल किया। उन्होंने उन अटकलों को खारिज किया कि वे एक से अधिक सीटों से चुनाव लड़ सकते हैं और भरोसा जताया कि राघोपुर की जनता उन्हें तीसरी बार विधायक बनाएगी। वह इस सीट का दो बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने लखीसराय सीट से लगातार चौथी बार नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौजूद थीं, जो चुनावी राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने आई थीं।
इसी बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने भी अपने 57 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। बताया गया कि कुमार सीट बंटवारे को लेकर असहज महसूस कर रहे थे, क्योंकि इस बार जदयू को उतनी ही सीटों पर चुनाव लड़ना है जितनी भाजपा को दी गई हैं, जबकि पहले भाजपा सहयोगी के रूप में ‘जूनियर पार्टनर’ थी।
जदयू की सूची में कई मौजूदा मंत्रियों को उनके वर्तमान निर्वाचन क्षेत्रों से फिर से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा (महनार) और तथाकथित बाहुबली नेता आनंद सिंह (मोकामा) ने भी एक दिन पहले अपना नामांकन दाखिल किया था।
सूत्रों के अनुसार, जद(यू) की सूची में मुस्लिम उम्मीदवारों की अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि क्या इससे पार्टी के उस ‘‘धर्मनिरपेक्ष चरित्र’’ में बदलाव का संकेत मिलता है, जिस पर नीतीश कुमार अब तक गर्व जताते रहे हैं।
भाजपा 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और उसने बुधवार दूसरी और तीसरी सूची में क्रमश: 12 और 18 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की। इस तरह पार्टी अब तक अपने कोटे की सभी 101 सीट पर प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है। नई सूची में लोकगायिका मैथिली ठाकुर का नाम भी शामिल है, जिन्हें हाल ही में पार्टी में शामिल किया गया था। उन्हें अलीनगर सीट से टिकट दिया गया है, जहां मौजूदा विधायक मिश्री लाल यादव ने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया था कि भाजपा में दलितों और पिछड़ों की उपेक्षा की जा रही है।
भाजपा की एक और चर्चित उम्मीदवार असम कैडर की पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा हैं, जिन्हें बक्सर से टिकट दिया गया है। वे पहले प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से जुड़े थे।
भाजपा ने कोचाधामन सीट से बीना देवी और नरकटियागंज से संजय पांडे को मैदान में उतारा है।
उधर, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने भी अपने 15 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक राजू तिवारी का नाम शामिल है, जो गोविंदपुर सीट से चुनाव लड़ेंगे। पार्टी को राजग के सीट बंटवारे में 29 सीटें मिली हैं।
राजनीतिक हलकों में यह अटकल थी कि नीतीश कुमार उन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकते हैं, जो लोजपा (राम विलास) को दी गई हैं, क्योंकि पांच साल पहले चिराग पासवान ने भी जदयू के खिलाफ उम्मीदवार खड़े किए थे। हालांकि, अब तक जारी सूचियों में दोनों दलों के बीच किसी भी सीट पर सीधा मुकाबला नहीं दिख रहा है।
इसी बीच, भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच सीट बंटवारे और उम्मीदवार चयन को लेकर असंतोष की खबरों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’’ पॉडकास्ट के जरिये पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद कर उन्हें उत्साहित किया।
राजग की सबसे प्रभावशाली पार्टी मानी जा रही भाजपा अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय बिहार दौरे की तैयारी में जुटी है। पार्टी के रणनीतिकार माने जाने वाले शाह बृहस्पतिवार को पटना पहुंचेंगे और 18 अक्टूबर तक राज्य में रहेंगे, यानी पहले चरण के नामांकन की अंतिम तिथि के अगले दिन तक।
बिहार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया कि शाह के अलावा कई केंद्रीय मंत्री और ‘‘लगभग दर्जनभर राज्यों के मुख्यमंत्री’’ आने वाले दिनों में बिहार आएंगे और राजग प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान मौजूद रहेंगे।
भाषा कैलाश
धीरज
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