बिहार के तीन मंत्रियों ने पेश की मिसाल, एक ही वाहन से महुआ रवाना हुए

बिहार के तीन मंत्रियों ने पेश की मिसाल, एक ही वाहन से महुआ रवाना हुए

बिहार के तीन मंत्रियों ने पेश की मिसाल, एक ही वाहन से महुआ रवाना हुए
Modified Date: May 13, 2026 / 03:25 pm IST
Published Date: May 13, 2026 3:25 pm IST

पटना, 13 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पेट्रोल और डीजल के उपयोग में कमी लाने की अपील के मद्देनजर बुधवार को बिहार सरकार के तीन मंत्रियों ने महुआ में आयोजित एक कार्यक्रम में जाने के लिए एक ही वाहन का इस्तेमाल कर देश के प्रति अपनी एकजुटता और संसाधनों की मितव्ययिता का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव को कम करने के लिए ईंधन का विवेकपूर्ण ढंग से उपयोग करने, सोने की खरीद कम करने और विदेश यात्राओं में कटौती की अपील की थी।

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री संजय सिंह, गन्ना उद्योग विभाग के मंत्री संजय पासवान और अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र पासवान ने अलग-अलग काफिले के बजाय एक ही सरकारी वाहन से यात्रा की।

मंत्रियों ने एक साझा बयान जारी कर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने देश हित में ईंधन के संयमपूर्ण इस्तेमाल की जो अपील की है और इस पर अमल करना हम सभी का कर्तव्य है। आज हम तीनों मंत्रियों ने एक ही वाहन से महुआ जाने का निर्णय लिया है ताकि देश के विदेशी मुद्रा भंडार और ऊर्जा संसाधनों की बचत में हम अपना छोटा सा योगदान दे सकें। बिहार सरकार प्रधानमंत्री के ‘ईंधन संरक्षण’ मिशन के साथ मजबूती से खड़ी है।’’

इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी की पेट्रोल और डीजल के उपयोग में कमी लाने की अपील के मद्देनजर अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटाने समेत कई ‘‘महत्वपूर्ण निर्णय’’ लिए।

चौधरी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी सरकार द्वारा प्रस्तावित मितव्ययिता संबंधी कदमों की जानकारी साझा की। इनमें सरकारी एवं निजी कार्यालयों में ‘‘वर्क फ्रॉम होम’’ को बढ़ावा देना तथा सप्ताह में एक दिन ‘‘नो व्हीकल डे’’ मनाने की अपील शामिल है।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल और डीजल के उपयोग को कम करने का आह्वान किया है। इसके अनुरूप कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इनमें मुख्यमंत्री के काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम करना भी शामिल है।’’

भाषा कैलाश

मनीषा देवेंद्र

देवेंद्र


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