बिहार में वीबी-जी राम-जी योजना लागू, सरकार ने पलायन पर रोक लगने का दावा किया
बिहार में वीबी-जी राम-जी योजना लागू, सरकार ने पलायन पर रोक लगने का दावा किया
पटना, दो जुलाई (भाषा) बिहार सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्य में ‘वीबी-जी राम-जी’ (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना की शुरुआत की और दावा किया कि इससे श्रमिकों के पलायन पर रोक लगने के साथ-साथ उनकी कार्य परिस्थितियों में सुधार होगा।
केंद्र सरकार द्वारा बुधवार से पूरे देश में लागू किए गए ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को प्रतिवर्ष 125 दिन के गारंटीशुदा मजदूरी के तौर पर रोजगार का वैधानिक अधिकार प्रदान किया जाएगा।
यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का स्थान लेगी, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन के मजदूरी के तौर पर रोजगार की गारंटी मिलती थी।
बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में देशभर में वीबी-जी राम-जी योजना शुरू की गई है। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि इससे देशभर में श्रमिकों की कार्य परिस्थितियों में सुधार होगा।’’
उन्होंने कहा कि बिहार में पहले ही श्रमिकों के पलायन में उल्लेखनीय कमी आई है और इस योजना के लागू होने से यह सुनिश्चित होगा कि गरीबों को रोजगार के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़े।
मंत्री ने बताया कि बिहार के लिए केंद्र सरकार की ओर से 6,715 करोड़ रुपये से अधिक का अंतरिम बजट आवंटित किया गया है, जबकि राज्य सरकार को 4,477 करोड़ रुपये का अंशदान देना होगा।
उन्होंने कहा कि यदि रोजगार की मांग के 15 दिन के अंदर काम उपलब्ध नहीं कराया गया तो श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि योजना के तहत ग्राम पंचायतों को उनकी स्थानीय आवश्यकताओं, विकास सूचकांक और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। इससे विकेंद्रीकृत और क्षेत्र आधारित योजना निर्माण को बढ़ावा मिलेगा तथा ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य के अनुरूप विकास सुनिश्चित होगा।
ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि वीबी-जी राम-जी योजना की शुरुआत एक महत्वपूर्ण पहल है, जो विकास की नींव रखने वाले श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में सहायक होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपिता के नाम पर शुरू की गई मनरेगा ने अपने 20 वर्ष के सफर में विकास की लंबी रेखा खींची। आज उस यात्रा का समापन हो रहा है और वीबी-जी राम-जी के साथ एक नयी यात्रा शुरू हो रही है। सरकार ने पुरानी योजनाओं से प्रेरणा लेने के साथ-साथ वर्तमान सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों के अनुरूप नए प्रावधान भी शामिल किए हैं।’’
प्रधान सचिव ने कहा कि योजना में आजीविका उपलब्ध कराने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन जैसी नयी चुनौतियों के समाधान पर भी विशेष जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और इसकी नियमित निगरानी के लिए भी पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।
भाषा कैलाश पारुल जोहेब
जोहेब

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