#IBCElectionAnalytics: भाजपा का MP फतह का पूरा Blueprint, अमित शाह ने सौंपा सभी नेताओं को
amit shah in bhopal
बरुण सखाजी. राजनीतिक विश्लेषक
इस बार भाजपा छत्तीसगढ़ फतह के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसके लिए भाजपा कई फॉर्मूलों पर काम कर रही है। राज्य स्तर पर जहां पार्टी परसेप्शन पर काम कर रही है तो, विधानसभा स्तर पर विधायकों की घेरेबंदी के लिए भी आरोप पत्र जैसे कैंपेन चला रही है। इसके अलावा जातिय आधार, स्थानीय मुद्दों के साथ ही साथ पार्टी ने एक नया फॉर्मूला निकाला। इस फॉर्मूले में छत्तीसगढ़ को 14 हिस्सों में बांटकर भाजपा कैंपेनिंग करने की तैयारी कर रही है। देखिए आईबीसी-24 की एक्सक्लूसिव एनालिटिक स्टोरी।
भाजपा ने छत्तीसगढ़ में अपनी कैंपनिंग के लिए इसे 14 राजनीतिक भूभागों में बांटा है। पार्टी ने सरगुजा को जशपुर, कोरिया और सेंट्रल सरगुजा जैसे तीन हिस्सों में बांटकर काम शुरू किया है। आईबीसी-24 पर एनालिटिक टीम को मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा सेंट्रल सरगुजा में सरगुजिहा ट्राइब, कल्चर, हाथी प्रभावित गांव, गहरा गुरु से जुड़ी मान्यताओं को प्रमुखता से उठाएगी। इसके बाद पार्टी जशपुर में झारखंडी प्रभाव वाले आदिवासी समुदाय के साथ खांटी जशपुरिया ट्राइब पर फोकस करेगी। यहां भी हाथी प्रभावित गांवों के लिए हाईपर लोकल वादे, कापू मानव तस्करी से निपटने के हाईपर लोकल वादे करेगी। पत्थलगांव से लेकर कुनकुरी तक पार्टी ने धर्म, पत्थरगढ़ी प्रभावित गांवों में डेरा डालने का फैसला किया है। वनवासी परिषद जैसी गैर राजनीतिक इकाइयों के जरिए पार्टी ने गांव-गांव बैठकें शुरू कर दी हैं।
भाजपा ने बिलासपुर संभाग की 24 सीटों को हासिल करने के लिए इसके 4 हिस्से किए हैं। एक हिस्से में रायगढ़, सक्ती, सारंगढ़ को रखा है, जबकि कोरबा वाले हिस्से में जांजगीर, कोरबा को रखा गया है। रायगढ़ में पार्टी उद्योग और कोल आधारित काम-काज और आदिवासी संस्कृति को केंद्र में रखेगी। पार्टी कोरबा रीजन में वनाधारित संस्कृति और जरूरतों को केंद्र में रखकर काम करेगी। यहां खनन से जुड़े मसलों पर भी फोकस होगा। बिलासपुर और इसके आसपास पार्टी नगरीय मुद्दों और कस्बाई जरूरतों पर फोकस करेगी। मरवाही, पेंड्रा, मुंगेली का एक हिस्सा अलग से रखा गया है। इसके मरवाही, पेंड्रा, लोरमी वाले इलाके में वनाधारित मुद्दों पर तो मुंगली में सामाजिक इंजीनियरिंग का इस्तेमाल करेगी। भाजपा रायपुर को नगरीय मुद्दों पर केंद्रित करेगी। जबकि महासमुंद जैसे ओडिशा से सटे इलाकों में छत्तीसगढ़ के लगभग 3 लाख उड़िया वोटर को साधेगी। पार्टी दुर्ग को तीन हिस्सों में बांटकर रणनीति बना रही है। इसमें एक हिस्सा राजनांदगांव, मोहला तक जाता है, जबकि एक हिस्सा छुईखदान, बेमेतरा से कवर्धा तक। तीसरा हिस्सा दुर्ग का केंद्रीय कोर होगा। यहां पार्टी नगरीय मुद्दों पर काम कर रही है। बस्तर को मूलतः चार हिस्सों में बांटकर पार्टी ने 12 सीटों को साधने की कोशिश की है। इसमें कांकेर के सांसद मोहन मंडावी को कांकेर इलाके में सक्रिय किया जा रहा है। दक्षिण बस्तर यानि दंतेवाड़ा, सुकमा इलाके में पार्टी ने सर्व आदिवासी समाज के जरिए धर्मांतरण जैसे मसलों को छूआ है। भाजपा बस्तर के पश्चिमी हिस्से में नारायणपुर, बीजापुर की रणनीति पर अलग से काम कर रही है। यह कोर धर्मांतरण वाला इलाका है।

Facebook


