Death Case in Jail: छत्तीसगढ़ की जेलों में 4 सालों में इतने कैदियों की मौत! मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, मुख्य सचिव और जेल डीजी से इन बिंदुओं पर मांगा जवाब

छत्तीसगढ़ की जेलों में 4 सालों में इतने कैदियों की मौत! मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, 285 Prisoners Died in Four Years

Death Case in Jail: छत्तीसगढ़ की जेलों में 4 सालों में इतने कैदियों की मौत! मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, मुख्य सचिव और जेल डीजी से इन बिंदुओं पर मांगा जवाब
Modified Date: March 26, 2026 / 04:22 pm IST
Published Date: March 26, 2026 4:22 pm IST

रायपुर। 285 Prisoners Died in Four Years छत्तीसगढ़ की जेलों में बीते चार वर्षों के दौरान 285 कैदियों की मौत के मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस गंभीर विषय पर राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

285 Prisoners Died in Four Years आयोग ने मुख्य सचिव (CS) और जेल महानिदेशक (डीजी जेल) को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। NHRC ने अपने नोटिस में जेलों की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी है। मांगी गई रिपोर्ट में विशेष रूप से जेलों की निर्धारित क्षमता के मुकाबले कैदियों की वास्तविक संख्या, ओवरक्राउडिंग (अधिक भीड़) की स्थिति, और इससे उत्पन्न समस्याओं का विवरण शामिल करने को कहा गया है। इसके साथ ही जेलों में डॉक्टरों के रिक्त पदों, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं तथा कैदियों के इलाज के लिए उठाए गए ठोस कदमों की जानकारी भी मांगी गई है।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कैदियों की मौत के कारणों, उनके उपचार की स्थिति और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा रिपोर्ट में शामिल किया जाए। इस मामले में NHRC की सख्ती के बाद राज्य की जेल व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।

इन्हे भी पढ़ें:-


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।