IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर प्राची पंजाबी बोलीं- डॉक्टर बनकर अपने ही क्षेत्र में देना चाहती हूं सेवा

IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर प्राची पंजाबी बोलीं- डॉक्टर बनकर अपने ही क्षेत्र में देना चाहती हूं सेवा

IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर प्राची पंजाबी बोलीं- डॉक्टर बनकर अपने ही क्षेत्र में देना चाहती हूं सेवा

Success Story of 12th Topper prachi panjabi

Modified Date: November 29, 2022 / 07:47 pm IST
Published Date: July 7, 2022 1:35 am IST

रायपुर। IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : अपने सामाजिक सरोकारो को निभाते हुए IBC24 समाचार चैनल हर साल स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप सम्मान से जिले की टॉपर बेटियों को सम्मानित करता है। इस साल भी IBC24 समाचार चैनल की ओर से स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप दिया जा रहा है। IBC24 की ओर से दी जाने वाली स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप केवल टॉपर बेटियों को ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक संभाग के टॉपर बेटों को भी दी जाएगी। पेंड्रा की प्राची पंजाबी ने जिले का मान बढ़ाया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं की परीक्षा में 458 अंक हासिल किया। प्राची पंजाबी ने भारतमाता पब्लिक हा. से. स्कूल, अड़भार पेंड्रा में अपना पढ़ाई पूरी की है। प्राची ने कहा कि “पापा का एक वाक्य सदा अपना सर्वश्रेष्ठ दो, नतीजे अच्छे ही आएंगे। बस इसे ही अपना मूलमंत्र बनाया। मम्मी ने भी सपोर्ट में कोई कसर नहीं छोड़ी।“

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डॉक्टर बनकर अपने ही क्षेत्र में सेवा देना चाहती हैं प्राची

प्राची की जुबानी.. मुझे हमेशा मेरे पापा का वह वाक्य याद रहता है, जिसमें वे कहते हैं आप अपना सर्वश्रेष्ठ करो, बाकी सब अच्छा ही होगा। इस वाक्य को साकार करने में मेरी मम्मी की भूमिका अहम है। वे पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अधिक पढ़-लिख तो नहीं पाईं, लेकिन पढ़ाई-लिखाई के महत्व को खूब समझा। मेरे लिए कौन सी चीज की जरूरत है। कब मुझे पढ़ना है और क्या रणनीति हो, यह सब उन्होंने हरदम बताया। आज की सफलता मेरे संयुक्त परिवार के सभी सदस्यों के नाम है। स्कूल शिक्षकों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। बीते वर्ष जब कोरोना का संक्रमण फैल रहा था तो चारों तरफ निराशा का माहौल था। मगर मैंने हार नहीं मानी। इस दौरान मुझे घरेलू काम-काज भी करने पड़े। ऑनलाइन क्लासेस की। साथ में अन्य माध्यमों से भी अपने सब्जेक्ट को क्लीयर किया। सोशल मीडिया का बहुत सीमित इस्तेमाल किया। जरूरत के कंटेंट को ही कंज्यूम किया। कभी बेवजह वॉट्सएप, फेसबुक पर नहीं रही। न ही मोबाइल में टाइम वेस्ट किया। रोज 8 से 9 घंटों की पढ़ाई की रणनीति बनाकर आगे बढ़ी। पढ़ाई के शिड्यूल को कड़ाई से पालन किया। मैं चाहती हूं डॉक्टर बनूं। इसके लिए मेरी तैयारी शुरू हो गई है। मैंने बचपन से देखा है, पेंड्रा जैसे पिछड़े क्षेत्र में स्वास्थ्य की समस्याएं हैं। मेरा सपना है कि मैं डॉक्टर बनकर यहीं अपनी सेवाएं दूं। लोगों के कष्ट कम करूं।अपने लोगों के बीच अपनों के लिए कुछ करने का मौका ही अपने आपमें बड़ी सफलता है। आईबीसी-24 की स्वर्ण शारदा ने सपनों को पंख लगा दिए हैं।


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