IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर तेजेश्वरी कश्यप बोलीं- डॉक्टर बनकर वनवासी क्षेत्रों में करना चाहती हूं सेवा

IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर तेजेश्वरी कश्यप बोलीं- डॉक्टर बनकर वनवासी क्षेत्रों में करना चाहती हूं सेवा

IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : 12वीं टॉपर तेजेश्वरी कश्यप बोलीं- डॉक्टर बनकर वनवासी क्षेत्रों में करना चाहती हूं सेवा

IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022: Success Story of 12th Topper Tejeshwari Kashyap

Modified Date: November 29, 2022 / 12:39 am IST
Published Date: July 7, 2022 2:58 am IST

रायपुर। IBC24 Swarn Sharda Scholarship 2022 : अपने सामाजिक सरोकारो को निभाते हुए IBC24 समाचार चैनल हर साल स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप सम्मान से जिले की टॉपर बेटियों को सम्मानित करता है। इस साल भी IBC24 समाचार चैनल की ओर से स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप दिया जा रहा है। IBC24 की ओर से दी जाने वाली स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप केवल टॉपर बेटियों को ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक संभाग के टॉपर बेटों को भी दी जाएगी। दंतेवाड़ा जिले की तेजेश्वरी कश्यप ने जिले का मान बढ़ाया है। 12वीं परीक्षा में 452 अंक हासिल किया। तेजेश्वरी कश्यप ने शा. कन्या हा. से. स्कूल, गीदम, दंतेवाड़ा में अपना पढ़ाई पूरी की है।

तेजेश्वरी ने कहा कि “मेरा सपना किसी बड़े शहर के शोरूम जैसे हॉस्पिटल्स में बतौर डॉक्टर सेवाएं देना नहीं, बल्कि मैं तो अपने अपनों के बीच स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करना चाहती हूं।“

तेजेश्वरी डॉक्टर बनकर वनवासी क्षेत्रों में ही देना चाहती हैं सेवा

तेजेश्वरी की जुबानी.. मैंने पढ़ाई को पूरी संजीदगी से लिया। अपनी एक दिनचर्या बनाई। इसे कभी नहीं तोड़ा। छू लो आसमान नाम की संस्था ने इसमें मेरी बड़ी मदद की। मैंने ठान लिया था कि इस वर्ष टॉपर बनना ही है। इसलिए कई बार छुट्टियों में भी घर नहीं गई। घर वाले भी मेरे लिए सदा सपोर्टिव रहे। दंतेवाड़ा जैसे घोर माओवादी इलाके में बेटियों का आगे बढ़ना कठिन काम है। लेकिन मुझे हौसला देने वालों की कहीं कोई कमी नहीं है। स्कूल के शिक्षक, छू लो आसमान के सभी मार्गदर्शक और घर के सभी लोगों ने मेरा हौसला बढ़ाया है। सभी कहते हैं कि अगर मंजिल दूर भी हो तो हौसले उसे नजदीक खींच लाते हैं। कभी हारना नहीं, कभी किसी सफलता से अतिउत्साह में नहीं आना। मैं नीट की तैयारी करना चाहती हूं। मैंने बस्तर में देखा है। यहां स्वास्थ्य की सुविधाएं बहुत कमजोर हैं। मैं चाहती हूं कि डॉक्टर बनकर अपने क्षेत्र में ही लोगों की सेवा में जुट जाऊं। अपने लोगों के साथ अपनो की सेवा का आनंद अलग है। मेरा मकसद किसी बड़े शहर के बड़े शोरूम जैसे हॉस्पिटल्स में काम करने की नहीं। मैं तो जमीन पर अपने बस्तर की सेवा करना चाहती हूं। इसके लिए ही मैं नीट करके एमबीबीएस की पढ़ाई का ख्वाब सजाए बैठी हूं। इस दिशा में मेरी ओर से प्रयास शुरू हो चुके हैं। मुझे पढ़ाई के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम नृत्य, संगीत में भी गहरी रुचि है। जब समय मिलता है अपने शौक को जीती हूं। इसमें कई पुरस्कारों ने भी मेरा उत्साह बढ़ाया है। भविष्य में भी अपने इस शौक को जारी रखना चाहती हूं।


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