MP Assembly Elections 2023: प्रचार की तेज होड़..MP में किसका जोर? मध्यप्रदेश में मोदी बनाम राहुल..जनता किस पर करेगी भरोसा?
MP Assembly Elections 2023: प्रचार की तेज होड़..MP में किसका जोर? मध्यप्रदेश में मोदी बनाम राहुल..जनता किस पर करेगी भरोसा?
भोपाल। MP Assembly Elections 2023 क्या दिग्गजों के प्रचार से बदलेगा MP का चुनावी समीकरण? एमपी में मोदी बनाम राहुल जनता किसपर करेगी भरोसा? दिग्गजों के प्रचार और भाषणों का जनता पर कितना असर? ये सवाल इसलिए क्योंकि मध्यप्रदेश में चुनावी रण सज चुका है। स्टार प्रचारकों के ताबड़तोड़ दौरों का दौर शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में एमपी में दलों के दिग्गजों के लगातार दौरे हैं। तो एमपी में प्रचार के होड़ में किसका कितना जोर है।
MP Assembly Elections 2023 मध्यप्रदेश का चुनावी कुरुक्षेत्र तैयार है चुनाव प्रचार के लिए सिर्फ 13 दिन बाकी है। इन 13 दिनों में बीजेपी और कांग्रेस में ताबड़तोड़ प्रचार की तैयारी में है। बीजेपी के स्टार प्रचारक पीएम नरेंद्र मोदी 4 नवंबर को रतलाम में चुनावी रैली करेंगे हैं। पीएम नरेंद्र 8 दिन एमपी आएंगे और सभी संभाग में ताबड़तोड़ 14 बड़ी चुनावी रैलिया करेंगे। भाजपा ने यहां तक प्लान किया है कि चुनाव प्रचार खत्म होने के 24 घंटे पहले नरेंद्र मोदी इंदौर में रोड शो और बैतूल में बड़ी रैली करेंगे। मोदी के अलावा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ,गृह मंत्री अमित शाह ,बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा भी प्रदेश में चुनावी सभा और रोड शो करेंगे। ज्यादातर नेता मप्र में प्रचार के दौरान रोड करेंगे। प्रदेश में प्रत्याशियों की सबसे ज्यादा डिमांड प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान की है इसलिए शिवराज हर दिन 7 से 9 सभाएं और रोड शो कर रहे है 15 नवंबर तक शिवराज का 150 सीटों तक पहुंचने का टारगेट है।
विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्ता में आने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। अंतिम 13 दिन में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की 18 सभाएं होगी। कांग्रेस ने इसका नाम महाजनसंपर्क अभियान दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भी करीब 70 चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। राहुल गांधी भोपाल और जबलपुर में पदयात्रा करेंगे कांग्रेस की तैयारी महाजनसंपर्क के दौरान 230 विधानसभाओं को कवर करने की है इस दौरान सभाएं, रैलियां और पदयात्राएं होंगी।
कांग्रेस और बीजेपी के रणनीतिकार इस बात को समझ चुके हैं कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव एक बड़ी अग्नि परीक्षा है। जिसमें पास होने के लिए मध्यप्रदेश से लेकर दिल्ली तक सभी नेताओं को एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा। इसलिए प्रदेश के साथ-साथ केंद्रीय नेतृत्व ने भी मध्यप्रदेश में डेरा डाल लिया है। यह चुनाव दोनों दलों के लिए करो या मरो का है लेकिन सपा बसपा आप और अपनी पार्टी के ही बागी निर्दलीयों से भी कड़ी टक्कर मिल रही है। देखना होगा जनता किसके सर जीत का ताज रखती है।

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