4 साल की डिग्री के बाद छात्र कर पाएंगे Ph.d, नई शिक्षा नीति पर UGC चेयरमैन ने कही ये बात

 भारत की शिक्षा व्यवस्था पर समय समय पर कई तरह के सवाल और परिवर्तन किए गए हैं। जिनमें अभी हाल ही में चौंका देने वाला फैसला सामने आया था। नई शिक्षा नीति 2020 लागू होने के साथ पीएचडी का सपना देखने वाले ग्रेजुएट्स को मास्टर्स कोर्स करने की चिंता नहीं करनी होगी।

4 साल की डिग्री के बाद छात्र कर पाएंगे Ph.d, नई शिक्षा नीति पर UGC चेयरमैन ने कही ये बात

UGC CHAIRMAN ON PHD

Modified Date: December 14, 2022 / 08:30 pm IST
Published Date: December 14, 2022 8:30 pm IST

Ph.D. After 4 Year Graduation: भारत की शिक्षा व्यवस्था पर समय समय पर कई तरह के सवाल और परिवर्तन किए गए हैं। जिनमें अभी हाल ही में चौंका देने वाला फैसला सामने आया था। नई शिक्षा नीति 2020 लागू होने के साथ पीएचडी का सपना देखने वाले ग्रेजुएट्स को मास्टर्स कोर्स करने की चिंता नहीं करनी होगी। जो छात्र 4 वर्ष का ग्रेजुएशन कोर्स करेगा, वह डायरेक्ट पीएचडी कर सकेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने बुधवार को कहा कि चार वर्षीय स्नातक डिग्री वाले छात्र अब सीधे पीएचडी कर सकेंगे। 

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यूजीसी अध्यक्ष ने कहा

Ph.D. After 4 Year Graduation यूजीसी अध्यक्ष ने कहा है कि तीन साल के ग्रेजुएशन कोर्स को ‘4-वर्षीय कार्यक्रम’ के पूरी तरह से लागू होने तक बंद नहीं किया जाएगा। यूजीसी काफी समय से अंडर ग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए नया करिकुलम और क्रेडिट फ्रेमवर्क तैयार करने में लगा हुआ था। यूजीसी की ओर से जारी किया गया नया करिकुलम एनईपी 2020 पर आधारित है। इसके तहत नियमों में लचीलापन आएगा और छात्रों को भी पहले के मुकाबले अधिक सुविधाएं मिल पाएंगी। जिसके तहत अब चार साल का अंडर ग्रेजुएट करने के बाद छात्र पीएचडी कर सकेंगे। उन्हें मास्टर डिग्री प्रोग्राम में एडमिशन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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