Diwali 2022: दिवाली के दिन क्यों है दीपक से निर्मित काजल लगाने की परंपरा..? जानें इसके पीछे की वजह
Tradition of applying kajal on Diwali: हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, दिवाली की रात दीपक से काजल बनाकर लगाने का धार्मिक शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है। दिवाली के दिन दीपक से बना काजल घर को बुरी नजर से बचाता है। इसके अलावा घर में सुख-समृद्धि और शांति आती है।
Why is there a tradition of applying kajal made from lamps on the day of Diwali..?
नई दिल्ली। Tradition of applying kajal on Diwali: दीपों के त्योहार दिवाली पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। कहते है कि इस दिन भगवान राम की अयोध्या में वापसी हुई थी और उन्हीं के आने की खुशी में हर घर में दीपक जलाकर उत्सव मनाया गया था। बता दे कि दीपक जलाने की परंपरा भगवान राम के समय से चली आ रही ह। इस दिन दीपक से निर्मित काजल लगाने की परंपरा भी है। मान्यता के अनुसार दिवाली की रात में काजल बनाकर लगाने का विशेष महत्व है।
दीपक से बना काजल क्यों लगाया जाता है
Tradition of applying kajal on Diwali: प्राचीन परंपरा के अनुसार, बुरी नजर से बचाने के लिए काजल का उपयोग किया जाता है। वहीं हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, दिवाली की रात दीपक से काजल बनाकर लगाने का धार्मिक शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है। दिवाली के दिन दीपक से बना काजल घर को बुरी नजर से बचाता है। इसके अलावा घर में सुख-समृद्धि और शांति आती है। बहुत से लोग अपने घर की तिजोरी और घर के मुख्य द्वार पर भी दिवाली की रात बना काजल लगाकर उसे सुरक्षित करते हैं।
Tradition of applying kajal on Diwali: दीपक से ऐेसे बनाए काजल
दीपक से काजल बनाने के लिए सबसे पहले एक मिट्टी के दीपक में तेल डालकर उसमें रुई से बनी बत्ती को भिगो लें।
अब इस दीपक को जलाएं, फिर इसके ऊपर प्लेट या कटोरी उल्टी करके रख दें।
ध्यान रहे कि दीपक की बत्ती उस कटोरी या प्लेट से टच हो रही हो।
अब आप देखेंगे कि उल्टे रखे बर्तन पर कुछ कालिख एकत्रित हो गई है।
इस कालिख को एक कटोरी में एकत्रित करके इसमें कुछ बूंद घी डाल कर अच्छे से मिक्स करें।
अब इस काजल को एक डिब्बी में एकत्रित करके रख लें और अपनी आवश्यकतानुसार इस काजल का उपयोग कर सकते हैं।
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