CG Assembly Election 2023: छत्तीसगढ़ियावाद..परदेसियावाद..चुनाव जिंदाबाद! क्या बीजेपी के लापता वाले पोस्टर कांग्रेस को घेर पाएंगे?
CG Assembly Election 2023: छत्तीसगढ़ियावाद..परदेसियावाद..चुनाव जिंदाबाद! क्या बीजेपी के लापता वाले पोस्टर कांग्रेस को घेर पाएंगे?
रायपुर। CG Assembly Election 2023 चुनावी मौसम में कौन कितना सक्रिय ये हमेशा से मुद्दा बनता ही है। इन दिनों छत्तीसगढ़ में कांग्रेस हो या बीजेपी दोनों खेमों के राष्ट्रीय नेता प्रदेश में बेहद एक्टिव हैं। आज भी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बस्तर में दो जगह सभाएं लेकर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाया है। जिस वक्त कांग्रेस राहुल गांधी के दौरे में व्यस्त थी ठीक उसी समय बीजेपी ने राज्य के कोटे से कांग्रेसी राज्यसभा सांसदो रंजीता रंजन, राजीव शुक्ला और केटीएस तुलसी के लापता होने के पोस्टर जारी कर सत्तापक्ष को छत्तीसगढ़ियावाद पर घेरने का प्रयास किया। कांग्रेस ने भी आरोप पर पलटवार किया। पर सवाल ये कि क्या ये पोस्टर, कांग्रेस के छत्तीसढियावाद पर बीजेपी का मजबूत जवाब बन पाएंगे, विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ मुद्दा बन पाएंगे?
CG Assembly Election 2023 प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के सामने भूपेश सरकार का छत्तीसगढियावाद एक बड़ी चुनौती है। जिसकी काट बीजेपी हमेशा खोजती रही है। कांग्रेस जब-जब छत्तीसगढ़िया वाद की बात करती है तब-तब बीजेपी ने भी राज्य के कोटे से राज्यसभा में बाहरी नेताओं को भेजने का मामला उठाकर उन्हें घेरने की कोशिश की है। अब जबकि चुनावी समय में राष्ट्रीय स्तर तक के कांग्रेसी नेता प्रदेश में सक्रिय हैं तब बीजेपी ने कांग्रेसी राज्यसभा सांसदों के गायब होने का मुद्दा उठाकर कांग्रेस को घेरा है। बीजेपी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस कर छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य बनाए गए रंजीता रंजन, राजीव शुक्ला और के टी एस तुलसी का लापता होने के पोस्टर जारी किये। बीजेपी ने कहा कि बार-बार प्रदेश में आने वाले राहुल गांधी, तीनों राज्यसभा सदस्यों को चुनाव के समय कम से कम एक बार तो छत्तीसगढ़ भेज दें। वहीं पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू ने तंज करते हुए छत्तीसगढ़वासियों से परदेसियों से अखियां न मिलाने की बात कही।
बीजेपी के वार पर कांग्रेस ने भी बीजेपी शासित राज्यों से दूसरे स्टेट के नेताओं के चुनाव लड़ने के उदाहरण गिना दिए,PCC संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अगर कांग्रेस के तीनों राज्यसभा सांसद परदेसिया हैं तो क्या गुजरात के नरेंद्र मोदी बनारस चुनाव लड़ने गए थे तो वो भी वहां परदेसिया हैं, स्मृति ईरानी ने भी अमेठी से चुनाव लड़ा तो क्या वो अमेठी में परदेसिया हैं।
ये पूरी तरह से उजागर है कि प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार ने धान, किसान,गोधन के साथ-साथ जिस अंदाज में छत्तीसगढियावाद को मजबूती से आगे बढ़ाया है। उसकी काट खोजना बीजेपी के लिए मुश्किल भरा रहा है। कांग्रेसी राज्यसभा सासंदों के इस वक्त राज्य से दूरी ने बीजेपी को ये मौका भी दिया है। ये भी सच है कि चुनावी दौर में हर छोटी से छोटी से बात मुद्दा बनती है सो बीजेपी ने भी चुनाव माहौल में कांग्रेस के राज्यसभा सांसदों के एक्टिव ना होने को मुद्दा बनाने के लिए पोस्टर जारी किए हैं। सबसे बड़ा सवाल है ये कि क्या ये पोस्टर के छत्तीसगढियावाद का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त हैं?

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