बजट छपाई के पहले वित्त मंत्रालय में हलवा सेरेमनी, 10 दिनों तक ऐसी रहेगी सुरक्षा कि घर भी नही जा सकेंगे अधिकारी

बजट छपाई के पहले वित्त मंत्रालय में हलवा सेरेमनी, 10 दिनों तक ऐसी रहेगी सुरक्षा कि घर भी नही जा सकेंगे अधिकारी

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  • Publish Date - January 20, 2020 / 11:21 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:03 PM IST

नईदिल्ली। आगामी एक फरवरी को पेश होने वाले आम बजट की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके पहले आज हलवा सेरेमनी का आयोजन मंत्रालय में किया गया। नॉर्थ ब्लॉक स्थित वित्त मंत्रालय के बेसमेंट में स्थित प्रिटिंग प्रेस में इसकी छपाई होती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर सहित अन्य अधिकारियों ने इस हलवा सेरेमनी में शामिल हुए।

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इस प्रक्रिया के साथ ही अब आने वाले 10 दिनों तक वित्त मंत्रालय के 50 से अधिक अधिकारी व कर्मचारी पूरी दुनिया से कटे रहेंगे। हर साल बजट के लिए उसके दस्तावेजों की छपाई से पहले हलवा बनाने की परंपरा चली आ रही है। हलवा तैयार होने के बाद इसका वितरण वित्त मंत्री समेत अन्य मंत्रियों और अधिकारियों में होता है। इस रस्म में बजट निर्माण में लगे अधिकारी ही शामिल होते हैं।

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बता दें कि बजट पेश होने से लगभग एक सप्ताह पहले से तो इन लोगों को 24 घंटे नॉर्थ ब्लॉक में ही गुजारना पड़ता है। एक बार अंदर होने के बाद वित्त मंत्री द्वारा लोक सभा में बजट पेश करने के बाद ही इन्हें नॉर्थ ब्लॉक से बाहर जाने की इजाजत मिलती है। बजट छपाई पूरी तरह से गोपनीय काम होता है।

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बजट निर्माण में लगे इन 50 अधिकारियों व कर्मचारियों को घर जाने की भी इजाजत नहीं होती है। वित्त मंत्री के बेहद वरिष्ठ अधिकारियों को ही घर जाने की इजाजत होती है। इस दौरान वित्त मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होती है। किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वित्त मंत्रालय में नहीं होता है।

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वित्त मंत्रालय में खुफिया विभाग से लेकर के साइबर सिक्योरिटी सेल सबका पहरा रहता है। इन 10 दिनों तक मंत्रालय के अंदर कोई भी मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता है। केवल लैंडलाइन फोन के जरिए ही बातचीत हो पाती है। वित्त मंत्रालय में 10 दिन के लिए डॉक्टरों की एक टीम भी तैनात रहती है। बीमार कर्मचारी को भी 10 दिनों के लिए अस्पताल में इलाज कराने की मनाही होती है।

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जिन कंप्यूटरों पर बजट डॉक्यूमेंट होता है, उनसे इंटरनेट और एनआईसी के सर्वर को डिलिंक कर दिया जाता है। इससे किसी भी प्रकार की हैकिंग का डर नहीं रहता है। इन कंप्यूटरों को केवल प्रिंटर और छपाई मशीन से कनेक्ट करके रखा जाता है। वित्त मंत्रालय के जिस हिस्से में प्रिंटिंग प्रेस स्थित है, वहां पर केवल चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारी ही जा सकते हैं।