देश के 27 प्रतिशत परिवार अब भी इंटरनेट सुविधा से वंचित: एनसीएईआर रिपोर्ट

देश के 27 प्रतिशत परिवार अब भी इंटरनेट सुविधा से वंचित: एनसीएईआर रिपोर्ट

देश के 27 प्रतिशत परिवार अब भी इंटरनेट सुविधा से वंचित: एनसीएईआर रिपोर्ट
Modified Date: June 5, 2026 / 10:07 pm IST
Published Date: June 5, 2026 10:07 pm IST

नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) देश में मोबाइल फोन की उपलब्धता लगभग हर परिवार तक होने के बावजूद बड़ी संख्या में परिवार अब भी इंटरनेट से दूर हैं। शुक्रवार को जारी एक अध्ययन रिपोर्ट में यह निष्कर्ष पेश किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, 95.1 प्रतिशत परिवारों के पास मोबाइल फोन है, लेकिन 27.5 प्रतिशत परिवार अब भी डिजिटल दुनिया से नहीं जुड़ पाए हैं। यह स्थिति देश में डिजिटल असमानता को उजागर करती है, जो अब केवल इंटरनेट की पहुंच तक सीमित नहीं है, बल्कि अवसरों और डिजिटल सेवाओं के उपयोग में भी अंतर दिखाती है।

यह अध्ययन ‘नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च’ (एनसीएईआर) ने ‘द क्वांटम हब’ के सहयोग से तैयार किया है। इसका शीर्षक ‘भारत में डिजिटल समावेशन का बदलता परिदृश्य’ है।

रिपोर्ट 2022 से 2024 के बीच किए गए भारत मानव विकास सर्वेक्षण (आईएचडीएस-3) पर आधारित है, जिसमें 47,000 से अधिक परिवार शामिल थे।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2015 में जहां करीब 19.8 करोड़ लोग इंटरनेट का उपयोग करते थे, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर 1.03 अरब से अधिक हो गई है। यह वृद्धि सस्ते स्मार्टफोन, सस्ते डेटा और डिजिटल ढांचे के विस्तार के कारण हुई है।

इसके बावजूद असमानता बनी हुई है। कई परिवारों में इंटरनेट की गुणवत्ता, उपकरणों की उपलब्धता, डिजिटल कौशल और शिक्षा का स्तर अलग-अलग है। साथ ही सरकारी सेवाओं, वित्तीय सुविधाओं और रोजगार के डिजिटल उपयोग में भी अंतर देखने को मिलता है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 71.4 प्रतिशत परिवार मोबाइल के जरिए इंटरनेट का उपयोग करते हैं, लेकिन 27.5 प्रतिशत परिवार अब भी पूरी तरह ऑफलाइन हैं।

इंटरनेट उपयोग में पुरुष-महिला अंतर भी स्पष्ट है। कामकाजी उम्र की 35.6 प्रतिशत महिलाएं इंटरनेट का उपयोग करती हैं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 57.6 प्रतिशत है।

अध्ययन में यह भी सामने आया कि डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने वाले कई परिवारों को अब भी बाहरी व्यक्ति की मदद लेनी पड़ती है। ऐसे 20.4 प्रतिशत परिवारों में यह स्थिति देखी गई।

इसमें कहा गया कि जिन परिवारों में शिक्षा का स्तर कम है, उनमें यह निर्भरता और बढ़कर लगभग एक-तिहाई तक पहुंच जाती है। इससे पता चलता है कि कई लोगों के लिए इंटरनेट अभी भी एक ऐसा साधन है जिसे वे अकेले आसानी से उपयोग नहीं कर पाते।

भाषा योगेश प्रेम

प्रेम


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