अल्कलाइन वॉटर में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने पर गुजरात की एक कंपनी पर कार्रवाई

अल्कलाइन वॉटर में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने पर गुजरात की एक कंपनी पर कार्रवाई

अल्कलाइन वॉटर में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने पर गुजरात की एक कंपनी पर कार्रवाई
Modified Date: May 7, 2026 / 03:53 pm IST
Published Date: May 7, 2026 3:53 pm IST

नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने ‘अल्कलाइन वॉटर’ बनाने वाली गुजरात की एक कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की है। उत्पाद पर गलत जानकारी देने, लेबलिंग नियमों का पालन नहीं करने और बिना अनुमति वाले एक पदार्थ का इस्तेमाल पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने बृहस्पतिवार को एक बयान में दोषी पाई गई कंपनी के खिलाफ कार्रवाई पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यालय के जरिए की गई। हालांकि कंपनी के नाम का खुलासा नहीं किया गया है।

यह कदम एक उपभोक्ता शिकायत के बाद उठाया गया, जिसे ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ पोर्टल पर दर्ज किया गया था। शिकायत में कहा गया था कि संबंधित खाद्य व्यवसाय संचालक (एफबीओ) ने उपभोक्ता की शिकायतों का समाधान नहीं किया।

इसके बाद कंपनी की वडोदरा जिले के सावली स्थित विनिर्माण इकाई के लाइसेंस के बाद निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों को कई गंभीर खामियां मिलीं। उत्पाद के पैकेजिंग के सामने हिस्से पर नाम नहीं लिखा था। इसके अलावा, सामग्री की जानकारी भी नहीं दी गई थी। निरीक्षकों ने यह भी पाया कि तैयार उत्पाद में काले रंग के कण दिखाई दे रहे थे।

एफएसएसएआई ने कहा कि तकनीकी जांच में और भी खामियां सामने आईं। उत्पाद में काले-भूरे रंग का असामान्य बदलाव, तलछट की मौजूदगी और प्राथमिक तथा द्वितीयक पैकेजिंग के बीच जानकारी में असंगति पाई गई।

इन निष्कर्षों के बाद अधिकारियों ने संयंत्र से लगभग 31.61 लाख रुपये मूल्य का स्टॉक जब्त कर लिया और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी।

प्रयोगशाला जांच में उत्पाद में फुल्विक एसिड की मौजूदगी की पुष्टि हुई। नियमों के अनुसार इस तरह के उत्पादों में इस पदार्थ की अनुमति नहीं है। यह तत्व संभवतः प्रसंस्करण के दौरान काले खनिज पदार्थों के उपयोग से इसमें मिलाया गया था।

एफएसएसएआई ने कहा कि वह बाजार में उपलब्ध सभी खाद्य उत्पादों की सुरक्षा, शुद्धता और सही लेबलिंग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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