अकासा एयर की उड़ान योजना के तहत परिचालन शुरू करने की तैयारी: विनय दुबे
अकासा एयर की उड़ान योजना के तहत परिचालन शुरू करने की तैयारी: विनय दुबे
(मनोज राममोहन)
नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) आकासा एयर सरकार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना ‘उड़ान’ के तहत उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है।
एयरलाइन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे ने कहा कि उसके बेड़े में नए विमान तय समय के अनुसार लगातार शामिल हो रहे हैं।
अगले महीने वाणिज्यिक उड़ान के चार साल पूरे करने जा रही इस विमानन कंपनी ने इस साल अब तक नौ नए बोइंग 737 मैक्स विमानों की डिलीवरी ली है। कंपनी ने कुल 226 विमानों के ऑर्डर दिए हैं और शेष सभी 186 विमानों के वर्ष 2032 के अंत तक बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है।
एयरलाइन का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में अपनी क्षमता में 30 प्रतिशत की वृद्धि करना है और अगले चार-पांच वर्षों में क्षमता वृद्धि 30-40 प्रतिशत के दायरे में होगी।
दुबे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि कंपनी ‘उड़ान’ योजना का हिस्सा बनने की योजना बना रही है और प्रत्येक मार्ग का अलग-अलग अध्ययन करने के बाद इस संबंध में फैसला करेगी।
उल्लेखनीय है कि आम लोगों को किफायती दरों पर हवाई सेवाएं देने और बिना सेवा वाले या कम सेवा वाले गंतव्यों को जोड़ने के उद्देश्य से ‘उड़ान’ (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के संशोधित संस्करण को चार जुलाई को पेश किया गया था। अक्टूबर, 2016 में शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 669 मार्गों का परिचालन शुरू किया जा चुका है।
वर्तमान में, आकासा एयर 28 घरेलू और सात अंतरराष्ट्रीय शहरों को आपस में जोड़ती है।
एटीएफ मूल्य स्थिरीकरण कोष और आपातकालीन ऋण गारंटी योजना में शामिल होने के सवाल पर दुबे ने कहा कि कंपनी अंतिम निर्णय लेने से पहले दोनों पहलों की शर्तों का अध्ययन कर रही है।
रणनीति के बारे में उन्होंने कहा कि कोई भी कंपनी एक ही रणनीति पर स्थिर नहीं रह सकती। हालांकि फिलहाल अकासा एयर एक ही प्रकार के विमान और एकल श्रेणी के मॉडल पर कायम रहेगी।
उन्होंने कहा, “हमारी एक रणनीति और दिशा है, लेकिन उद्योग की बदलती परिस्थितियों के अनुसार हर साल उसका पुनर्मूल्यांकन करना पड़ता है। अभी तक हमारे लिए एक ही प्रकार के विमान और एकल श्रेणी का मॉडल उपयुक्त रहा है।”
दुबे ने कहा कि बोइंग विमानों की आपूर्ति तय समय के अनुसार कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 12 महीनों में जितने विमान हमें मिले हैं, आने वाले समय में उससे भी अधिक विमानों की डिलीवरी होगी। विमान तय कार्यक्रम के अनुसार लगातार और स्थिर गति से मिल रहे हैं।’’
हालांकि, एयरलाइन किसी निश्चित अवधि में मिलने वाले विमानों की संख्या का पूर्वानुमान जारी नहीं करती।
उन्होंने कहा कि वैश्विक विमानन उद्योग इस समय आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और इंजन संबंधी समस्याओं का सामना कर रहा है, जिसके कारण विमानों की आपूर्ति में देरी हो रही है।
दुबे ने कहा कि कुछ वर्ष पहले विमान आपूर्ति की रफ्तार धीमी पड़ गई थी, जिसके कारण अकासा एयर में उसके बेड़े में शामिल विमानों की तुलना में कर्मचारियों की संख्या अधिक हो गई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने 2024 में यह फैसला किया था कि विमान आपूर्ति में देरी के बावजूद कर्मचारियों की संख्या में कोई कटौती नहीं करेंगे। हमने पूरे कार्यबल को बनाए रखा और आज हमें उस फैसले का लाभ मिल रहा है।’’
उन्होंने बताया कि अकासा एयर में 850 से अधिक पायलट सहित 5,000 से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं।
दुबे ने कहा कि घाटे में चल रही एयरलाइन ने सितंबर 2025 से मार्च 2026 की अवधि में कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) के स्तर पर लाभ दर्ज किया।
भाषा योगेश रमण
रमण

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