बैंक ऋण वृद्धि अप्रैल के पहले पखवाड़े में घटकर 15 प्रतिशत पर: आरबीआई
बैंक ऋण वृद्धि अप्रैल के पहले पखवाड़े में घटकर 15 प्रतिशत पर: आरबीआई
मुंबई, 29 अप्रैल (भाषा) बैंक ऋण वृद्धि की गति 15 अप्रैल को समाप्त पखवाड़े में धीमी होकर 15 प्रतिशत से नीचे आ गई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
आरबीआई के बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 15 अप्रैल को समाप्त पखवाड़े में बैंक ऋण वृद्धि की सालाना दर घटकर 14.88 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले पखवाड़े में यह 15.96 प्रतिशत थी।
इस अवधि में कुल बैंक ऋण में 2.06 प्रतिशत यानी 4.51 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। 15 अप्रैल को समाप्त पखवाड़े में बैंक ऋण 214 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि 31 मार्च को समाप्त पखवाड़े में यह 218 लाख करोड़ रुपये था।
पिछले वर्ष इसी अवधि में बैंक ऋण 186 लाख करोड़ रुपये था।
आरबीआई ने कहा कि 31 मार्च को समाप्त पखवाड़े में बैंक ऋण में पिछले दो वित्त वर्षों की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई थी, क्योंकि वित्त वर्ष के अंत में लक्ष्य पूरा करने के लिए बैंकों ने तेजी से ऋण और जमा दोनों में वृद्धि की थी।
आंकड़ों के अनुसार, बैंक ऋण वृद्धि लगातार सात से अधिक महीनों से दहाई अंक में बनी हुई है, जो मजबूत ऋण मांग को दर्शाती है। सितंबर में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) ढांचे में बदलाव के बाद से ऋण विस्तार में तेजी देखी गई है।
इस अवधि में बैंक जमा में भी 12.12 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। 15 अप्रैल को समाप्त पखवाड़े में बैंक जमा 261.88 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष 18 अप्रैल, 2025 को समाप्त पखवाड़े में यह 233.56 लाख करोड़ रुपये था।
सरकारी प्रतिभूतियों (केंद्र और राज्य सरकार) में बैंकों का निवेश बढ़कर 70.64 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो एक वर्ष पहले 68.49 लाख करोड़ रुपये था।
भाषा योगेश रमण
रमण

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