बैंक कर्मचारी संगठनों ने की स्थायी नौकरियों को बढ़ावा देने की मांग
बैंक कर्मचारी संगठनों ने की स्थायी नौकरियों को बढ़ावा देने की मांग
नयी दिल्ली, 27 नवंबर (भाषा) बैंक कर्मचारी संगठनों ने बृहस्पतिवार को मांग की कि कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए अनुबंध आधारित नौकरियों के बजाय स्थायी नौकरियों को बढ़ावा दिया जाए। सरकार द्वारा चार श्रम संहिताओं को लागू करने के कुछ दिनों बाद बैंक संगठनों ने यह कहा।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के बैनर तले संघों ने वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू से बैठक में बैंक कर्मचारियों के लंबित मुद्दों का भी जिक्र किया। इनमें पांच दिवसीय बैंकिंग कामकाज, कर्मचारियों और अधिकारियों के पदों को भरना, लिपिक, सहायक और सुरक्षा कर्मचारियों की पर्याप्त भर्ती और पेंशन को अद्यतन करना शामिल हैं।
यूएफबीयू ने बैठक के बाद जारी बयान में कहा, ‘हमने बताया कि हमारे देश के युवाओं को स्थायी और नियमित नौकरियों की जरूरत है, इसलिए श्रम कानूनों को अनुबंध आधारित नौकरियों को प्रोत्साहन देने के बजाय इन्हीं को बढ़ावा देना चाहिए।’
यूएफबीयू ने यह भी कहा कि मौजूदा श्रम कानूनों के कुछ प्रावधानों और प्रक्रियाओं में सरलीकरण की जरूरत है, लेकिन इससे मौजूदा श्रम अधिकारों में किसी भी तरह की कमी नहीं आनी चाहिए।
सरकार ने पिछले सप्ताह 29 श्रम कानूनों की जगह चार श्रम संहिताओं को लागू करने की अधिसूचना जारी की थी, जिससे श्रमिक संगठनों और कर्मचारियों में व्यापक चिंताएं और आशंकाएं पैदा हुई हैं।
यूएफबीयू ने कहा कि बदलते समय की जरूरतों और आकांक्षाओं के अनुसार श्रम कानूनों में सुधार और बदलाव जरूरी है, लेकिन इन्हें केंद्रीय श्रमिक संगठनों के परामर्श से ही किया जाना चाहिए।
भाषा योगेश रमण
रमण

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