फसल ऋण को किसानों के ‘सिबिल स्कोर’ से न जोड़ें बैंक : फडणवीस
फसल ऋण को किसानों के ‘सिबिल स्कोर’ से न जोड़ें बैंक : फडणवीस
मुंबई, 21 मई (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को बैंकों से कहा गया है कि वे किसानों के फसल ऋण की मंज़ूरी को उनके ‘सिबिल’ स्कोर से न जोड़ें।
आगामी खरीफ फसल के मौसम की तैयारियों की समीक्षा के लिए हुई एक बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने उन उर्वरक डीलर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी, जो किसानों को अतिरिक्त उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर करते हैं।
फडणवीस ने कहा, ‘‘हर बैंक को, मुख्यालय से लेकर शाखा स्तर तक, यह बता दिया गया है कि फसल ऋण को ‘सिबिल’ की शर्तों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की है। ‘सिबिल’ स्कोर से जुड़ी समस्याओं के कारण किसी भी किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए।’’
‘सिबिल’ स्कोर का उपयोग वित्तीय संस्थानों द्वारा किसी व्यक्ति की ऋण पात्रता को आंकने के लिए किया जाता है।
फडणवीस ने कहा कि बैठक के दौरान कृषि ऋण माफी और कृषि ऋण से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही घोषित कृषि ऋण माफी योजना को लागू करेगी, और कहा, ‘‘हम इन कर्जों को माफ करेंगे। मंत्रिमंडल में पहले ही चर्चा हो चुकी है, और बाकी जिलों से आंकड़ों के आने के बाद, 30 जून से पहले ऋण माफी लागू कर दी जाएगी।’’
महाराष्ट्र में खरीफ की खेती का क्षेत्र लगभग 152 लाख हेक्टेयर है, जिसमें सोयाबीन और कपास का हिस्सा लगभग 88 लाख हेक्टेयर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संभावित रूप से कठिन मानसून के मौसम के लिए कमर कस रही है।
फडणवीस ने कहा कि प्रारंभिक पूर्वानुमानों से पता चलता है कि जून से सितंबर तक वर्षा धीरे-धीरे कम हो सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई किसान डीएपी चाहता है, तो उसे चार अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। अगर वह यूरिया चाहता है, तो उसे अतिरिक्त चीजें खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। हमने इसके खिलाफ बहुत सख्त नीति अपनाई है।’’
उन्होंने कहा कि इस तरह के उल्लंघनों के कारण 400 से अधिक उर्वरक डीलर के लाइसेंस निलंबित या रद्द कर दिए गए।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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