बीएसपीटीसीएल का एनएसई में सूचीबद्ध होने का इरादा, शुरुआती कदम बढ़ाया

बीएसपीटीसीएल का एनएसई में सूचीबद्ध होने का इरादा, शुरुआती कदम बढ़ाया

बीएसपीटीसीएल का एनएसई में सूचीबद्ध होने का इरादा, शुरुआती कदम बढ़ाया
Modified Date: February 4, 2026 / 08:42 pm IST
Published Date: February 4, 2026 8:42 pm IST

पटना, चार फरवरी (भाषा) बिहार राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड (बीएसपीटीसीएल) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में सूचीबद्ध होने वाली पहली सरकारी बिजली पारेषण कंपनी बनने की ओर पहला कदम बढ़ा दिया है। कंपनी ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए शुरुआती कागजी कार्यवाही और कानूनी प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं।

राज्य के ऊर्जा सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह ने बुधवार को यह जानकारी दी।

बीएसपीटीसीएल, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी इकाई है।

सिंह ने बताया कि आईपीओ की जटिल प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए कंपनी ने मर्चेंट बैंकर और बुक रनिंग लीड मैनेजर (बीआरएलएम) की नियुक्ति हेतु निविदाएं आमंत्रित की हैं, जो निर्गम से जुड़े दस्तावेजों को तैयार करने, शेयरों की कीमत तय करने और निवेशकों तक पहुंच बनाने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालता है।

उन्होंने कहा कि आईपीओ लाने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, ऋण बोझ, लंबित कानूनी मामलों और कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की जाती है।

उन्होंने कहा, ‘यह प्रक्रिया इसलिए आवश्यक है ताकि भावी निवेशकों को कंपनी की वास्तविक स्थिति और पारदर्शी विवरण उपलब्ध कराया जा सके, जो शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का एक अनिवार्य नियम है।’

आईपीओ के माध्यम से जुटाई गई पूंजी का उपयोग बिहार के बिजली बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण में किया जाएगा। इस राशि को नयी पारेषण लाइन बिछाने, विद्युत ग्रिड के आधुनिकीकरण, उच्च-क्षमता वाले उप-केंद्रों की स्थापना और नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर समन्वय पर व्यय करने की योजना है।’

अर्थशास्त्री डॉ सुधांशु कुमार ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे राज्य सरकार के खजाने पर वित्तीय बोझ कम होगा। आईपीओ से प्राप्त होने वाली पूंजी सरकार द्वारा दी जाने वाली सीधी वित्तीय सहायता की जरूरत को घटाएगी, जिससे राज्य की राजकोषीय सेहत में सुधार होगा।

भाषा कैलाश नोमान सुमित प्रेम

प्रेम


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