बजट में वृद्धि को गति देने को निवेश पर जोर, घाटे का लक्ष्य बताता है सरकार की प्राथमिकता: सीतारमण

बजट में वृद्धि को गति देने को निवेश पर जोर, घाटे का लक्ष्य बताता है सरकार की प्राथमिकता: सीतारमण

बजट में वृद्धि को गति देने को निवेश पर जोर, घाटे का लक्ष्य बताता है सरकार की प्राथमिकता: सीतारमण
Modified Date: February 2, 2026 / 05:06 pm IST
Published Date: February 2, 2026 5:06 pm IST

नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय बजट में आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए निवेश को प्राथमिकता दी गई है और राजकोषीय घाटे की स्थिति से पता चलता है कि सरकार की प्राथमिकता वृद्धि है।

सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने के एक दिन बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव वैश्विक अनिश्चितता के कारण है और कई केंद्रीय बैंक पीली धातु में निवेश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे यह भी पता चलता है कि निवेशकों को किसी एक विशेष मुद्रा पर भरोसा नहीं है और इसीलिए सोने की खरीदारी में होड़ मची है।’’

वायदा एवं विकल्प खंड में प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) में वृद्धि के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि यह सट्टेबाजी वाले वायदा एवं विकल्प कारोबार में कदम रखने वालों को हतोत्साहित करने के लिए है।

बजट में वायदा अनुबंधों पर एसटीटी (प्रतिभूति सौदा कर) को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। विकल्प प्रीमियम और विकल्प उपयोग पर एसटीटी को मौजूदा क्रमश: 0.1 प्रतिशत और 0.125 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।

सेबी के अध्ययन के अनुसार, वायदा एवं विकल्प खंड में खुदरा निवेशकों के 90 प्रतिशत से अधिक सौदों में नुकसान होता है। पूंजी बाजार नियामक ने अतीत में इस तरह के लेन-देन को कम करने के लिए कदम भी उठाए हैं।

सीतारमण ने कहा, “हमने केवल वायदा एवं विकल्प व्यापार को ही छुआ है। जिसमें काफी सट्टेबाजी है। मुझे कई लोगों के फोन आए हैं, जो कह रहे हैं कि उनके बच्चे भारी नुकसान उठा रहे हैं और सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। एफ एंड ओ में एसटीटी की वृद्धि लोगों के इस क्षेत्र में कदम रखने को हतोत्साहित करेगी।’’

बजट में राजकोषीय मजबूती के रास्ते पर चलते हुए, अगले वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत रखा गया है, जबकि मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए यह 4.4 प्रतिशत है।

सीतारमण ने कहा कि राजकोषीय घाटे का लक्ष्य प्रत्येक वर्ष की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है और अतीत में सरकार ने पिछले वित्त वर्ष की तुलना में राजकोषीय घाटे को कुछ आधार अंक कम रखा है।

उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में ‘‘सरकार की प्राथमिकता वृद्धि है, इसलिए मैं 4.3 प्रतिशत के घाटे के लक्ष्य से संतुष्ट हूं।’’

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि विनिवेश और परिसंपत्ति मौद्रीकरण की गति जारी रहेगी। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के अधिक विनिवेश को प्रोत्साहित करेगी।

सीतारमण ने कहा कि आईडीबीआई बैंक का रणनीतिक विनिवेश सही दिशा में है और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में हिस्सेदारी की बिक्री की गति गैर-कर राजस्व की दिशा तय करेगी।

उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में जीएसटी दर में कटौती और आयकर छूट सीमा में वृद्धि के कारण हाल ही में निजी उपभोग में जो वृद्धि हुई है, वह आने वाले महीनों में भी जारी रहेगी।

भाषा रमण अजय

अजय


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