उत्तर प्रदेश के बिल्डर घर खरीदारों का पैसा ‘सुनिश्चित रिटर्न’ योजनाओं में नहीं लगा सकेंगे
उत्तर प्रदेश के बिल्डर घर खरीदारों का पैसा ‘सुनिश्चित रिटर्न’ योजनाओं में नहीं लगा सकेंगे
लखनऊ, 21 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने बिल्डरों को घर खरीदारों के पैसे का इस्तेमाल ‘सुनिश्चित रिटर्न’ या ‘गारंटीशुदा रिटर्न’ योजनाओं के लिए करने से रोक दिया है।
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि इसके साथ ही सभी पंजीकृत परियोजनाओं के लिए तीन अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से काम करना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस नयी व्यवस्था का उद्देश्य वित्तीय अनुशासन को सख्त करना और परियोजना के कोष के गलत इस्तेमाल को रोकना है। इस पर यूपी रेरा द्वारा गोमती नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय कार्यालय में बैंकरों और वित्तीय संस्थानों के साथ आयोजित एक बैठक में चर्चा की गई।
यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राष्ट्रीयकृत बैंकों, वित्तीय संस्थानों और राज्य स्तरीय बैंकरों की समिति के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
अधिकारियों ने बताया कि 11 मई को जारी संशोधित बैंकिंग नियमों और परियोजना खाता दिशानिर्देशों के तहत अब रेरा में पंजीकृत हर परियोजना के लिए तीन अलग-अलग खाते खोलने होंगे।
अधिकारियों ने कहा कि घर खरीदारों से प्राप्त राशि का कम से कम 70 प्रतिशत हिस्सा प्रतिदिन अपने आप ही ‘अलग खाते’ में स्थानांतरित करना होगा, जिसका उपयोग केवल भूमि और निर्माण-संबंधी खर्चों के लिए किया जा सकता है।
यूपी रेरा ने एक अन्य महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) से लिये गये ऋण पर स्वीकार्य ब्याज खर्च की सीमा निर्धारित कर दी है। इसका उद्देश्य ब्याज देनदारियों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाकर परियोजना के पैसे के गलत इस्तेमाल को रोकना है।
भाषा किशोर सलीम गोला अजय
अजय

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