केन्द्र मई से पीएमजीकेएवाई के तहत 80 गरीबों को मुफ्त खाद्यानन वितरित करने की तैयारी में

केन्द्र मई से पीएमजीकेएवाई के तहत 80 गरीबों को मुफ्त खाद्यानन वितरित करने की तैयारी में

केन्द्र मई से पीएमजीकेएवाई के तहत 80 गरीबों को मुफ्त खाद्यानन वितरित करने की तैयारी में
Modified Date: November 29, 2022 / 08:55 pm IST
Published Date: April 24, 2021 3:22 pm IST

नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) केन्द्र ने शनिवार को कहा एक मई से 80 करोड़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) लाभार्थियों को मुफ्त पांच किग्रा अतिरिक्त खाद्यान्न का मासिक वितरण करने की तैयारी में लगी है। सरकार का मकसद महामारी के दूसरी लहर में गरीबों को आर्थिक दिक्कतों से उबारने में मदद करना है।

राशन की दुकानों या सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से प्रधान मंत्री गरीब कल्याण कल्याण योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत दो महीने के लिए अतिरिक्त अनाज दिया जाएगा।

पीएमजीकेएवाई को कुछ राज्य सरकारों के अनुरोध पर फिर से लागू किया जा रहा है क्योंकि पिछले साल इस योजना का अच्छा असर देखने को मिला था। पिछले साल कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए अचानक लॉकडाउन लगाया गया था।

खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने मीडिया से कहा, ‘‘एफसीआई ने अपने 2,000 से अधिक डिपो की पूरी मशीनरी तैयार कर रखी है ताकि राज्यों को वितरण के लिए स्टॉक तैयार रहे। एफसीआई राज्यों के साथ निरंतर संपर्क में है। हम एफसीआई से राज्य सरकार को और उसके उपरांत उचित मूल्य की दुकानों या राशन की दुकानों पर आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि अगले दो महीनों में 80 लाख टन खाद्यान्न वितरित किया जाएगा, जिससे राजकोष पर 26,000 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय बोझ आएगा।

पांडे ने कहा कि इस बार पीएमजीकेएवाई के तहत दालों को शामिल नहीं किया गया है। ‘‘पिछले साल यह अपवादस्वरूप रखा गया था और अनाज के साथ दालें मुफ्त में दी गईं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) योजना सिर्फ अनाज के बारे में है।’’

सचिव ने कहा कि अगर पीएमजीकेवाई योजना को जून से आगे बढ़ाने के लिए सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको आश्वासन दे सकता हूं, हमारे पास स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त स्टॉक है। चूंकि खरीद चल रही है, इसलिए अधिक स्टॉक आ रहा है। हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है।’’

यह पूछे जाने पर कि सरकार केवल दो महीने के लिए ही मुफ्त अनाज के वितरण को सीमित क्यों कर रही है और क्या यह आने वाले महीनों में लॉकडाउन लगाये जाने का संकेत है, इस प्रश्न के बारे में सचिव ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पूर्ण लॉकडाउन नहीं होगा।’’

उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में लगाया गया लॉकडाउन, देश को कोविड ​​-19 की चुनौतियों का सामना करने के लिए संसाधनों के साथ तैयार करना था।

उन्होंने कहा, ‘‘केवल (दो महीने के लिए मुफ्त अनाज) क्यों? यह सरकार का निर्णय है। सरकार लगातार स्थिति की समीक्षा करती है। सरकार ने सोचा कि यह विवेकपूर्ण होगा कि इस बार दो महीने की घोषणा की जानी चाहिए … मुझे यकीन है कि सरकार निरंतर स्थिति पर नजर रखेगी।’’

सरकार ने अप्रैल-नवंबर 2020 के दौरान पीएमजीकेएवाई के तहत तीन करोड़ टन अनाज के वितरण पर 1.05 लाख करोड़ रुपये खर्च किए थे।

भाषा राजेश राजेश मनोहर

मनोहर


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