शिकॉगो एक्सचेंज मजबूत रहने से सोयाबीन, पाम-पामोलीन तेल कीमतों में सुधार

शिकॉगो एक्सचेंज मजबूत रहने से सोयाबीन, पाम-पामोलीन तेल कीमतों में सुधार

शिकॉगो एक्सचेंज मजबूत रहने से सोयाबीन, पाम-पामोलीन तेल कीमतों में सुधार
Modified Date: June 25, 2026 / 09:58 pm IST
Published Date: June 25, 2026 9:58 pm IST

नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) शिकॉगो एक्सचेंज के मजबूत रहने से देश के तेल-तिलहन बाजारों में सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम में मजबूती देखी गई। बिकवाली कमजोर रहने से सरसों तेल-तिलहन, प्लांट वालों द्वारा खरीद का दाम घटाने से सोयाबीन तिलहन तथा बेहद कमजोर कामकाज के बीच बिनौला तेल के दाम में गिरावट देखी गई। सस्ता होने के बावजूद खुदरा दाम महंगा होने की वजह से सुस्त कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर रहे।

मलेशिया एक्सचेंज में स्थिरता का रुख है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में सुधार जारी है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि शिकॉगो एक्सचेंज के मजबूत होने का असर सोयाबीन तेल के साथ साथ पाम-पामोलीन पर भी आया। विदेशी बाजार की मजबूती के कारण आयातित खाद्य तेलों के दाम मजबूत हो गये। दूसरी ओर, ऊंचे दाम पर लिवाली कमजोर रहने की वजह से सरसों तेल-तिलहन, प्लांट वालों द्वारा सोयाबीन खरीद का दाम 50-100 रुपये क्विंटल घटाने के कारण सोयाबीन तिलहन तथा नगण्य एवं सुस्त कामकाज के बीच बिनौला तेल के दाम में गिरावट देखी गई।

उन्होंने कहा कि मूंगफली तेल का थोक दाम बाकी खाद्य तेलों से सस्ता है मगर खुदरा बाजार में मूंगफली तेल के दाम काफी ऊंचे हैं। कमजोर कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर रहे। सरकार ने भी आश्वासन दिया है कि मूंगफली की अधिकांश फसल की किसानों से एमएसपी पर खरीद की जायेगी।

सूत्रों ने कहा कि सरकार को अपने इस आश्वासन पर खरा उतरना चाहिये क्योंकि मूंगफली उत्पादन बढ़ने के बावजूद मौजूदा स्थिति बनी रही तो सूरजमुखी की तरह ही मूंगफली का भी हाल होने का खतरा हो सकता है जहां सूरजमुखी की खेती लगभग विलुप्त होने की कगार पर है और देश सूरजमुखी तेल के लिए विदेशी आयात पर निर्भर हो गया है। इस ओर सरकार को गंभीरता से ध्यान बनाये रखने की जरूरत है।

सूत्रों ने कहा कि सरकार को बंदरगाहों पर सोयाबीन डीगम और पाम-पामोलीन की लागत से नीचे बिकवाली की स्थिति को भी काबू करना होगा जो घरेलू बाजार के कामकाज को प्रभावित करता है। वैसे देखा जाये तो जिस पामोलीन तेल का दाम पहले सोयाबीन रिफाइंड तेल से 6-8 रुपये किलो नीचे था, वह थोक दाम अब कांडला बंदरगाह पर सोयाबीन रिफाइंड से एक रुपये किलो ऊंचा हो गया है। इसे देखकर लगता है कि आगे भी पामोलीन तेल की औद्योगिक मांग बनी रहेगी क्योंकि यह बिनौला तेल की कमी को पूरा कर रहा है और सूरजमुखी तेल के मुकाबले सस्ता है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,525-7,550 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,625-7,200 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,465-2,765 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,565-2,665 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,565-2,710 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,450 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 14,200 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 6,950-7,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 6,800-6,875 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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