चौहान ने विज्ञान-आधारित खेती की रूपरेखा तैयार करने का आह्वान किया

चौहान ने विज्ञान-आधारित खेती की रूपरेखा तैयार करने का आह्वान किया

चौहान ने विज्ञान-आधारित खेती की रूपरेखा तैयार करने का आह्वान किया
Modified Date: May 16, 2026 / 08:27 pm IST
Published Date: May 16, 2026 8:27 pm IST

नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि भारत और दुनिया भर में खेती पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों को देखते हुए विज्ञान-आधारित कृषि पद्धतियों को अपनाने की तत्काल आवश्यकता है।

चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के व्यय वित्त समिति (ईएफसी) के प्रस्तावों की समीक्षा के लिए बुलाई गई एक बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे संबंधित राज्य सरकारों के परामर्श से, प्रत्येक राज्य की कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप, राज्य-विशिष्ट कृषि रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाएं।

एक सरकारी बयान के अनुसार, अधिकारियों ने मंत्री को सूचित किया कि यह कार्य पहले से ही चल रहा है। आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम और राजस्थान उन राज्यों में शामिल हैं जिन्होंने औपचारिक रूप से ऐसे रूपरेखा का अनुरोध किया है, और इनके जल्द ही अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।

चौहान ने आईसीएआर की कार्ययोजना पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों से आग्रह किया कि वे लक्ष्यों को, निर्धारित समय से पहले प्राप्त करने के उद्देश्य से कार्यान्वयन में तेजी लाएं।

आईसीएआर के महानिदेशक और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) के सचिव, डॉ. एम. एल. जाट ने मंत्री को परिषद के कार्यक्रमों और गतिविधियों के साथ-साथ किसानों और भारतीय कृषि को व्यापक रूप से अधिकतम लाभ पहुंचाने की इसकी भविष्य की रणनीति के बारे में जानकारी दी।

मंत्री ने दोहराया कि कृषि आबादी के एक बड़े हिस्से के लिए आजीविका का मुख्य साधन बनी हुई है और यह भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव है।

उन्होंने आह्वान किया कि खेती को अधिक उत्पादक, लागत-कुशल और किसानों के लिए आर्थिक रूप से अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में सभी प्रयास किए जाएं।

चौहान ने एकीकृत खेती के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने आग्रह किया कि किसानों को इस मॉडल को व्यावहारिक रूप से अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, क्योंकि इससे आय में वृद्धि होगी और साथ ही टिकाऊ कृषि पद्धतियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण


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