कोल इंडिया ने गर्मियों में कोयले की बढ़ती मांग को पूरा करने का भरोसा जताया

कोल इंडिया ने गर्मियों में कोयले की बढ़ती मांग को पूरा करने का भरोसा जताया

कोल इंडिया ने गर्मियों में कोयले की बढ़ती मांग को पूरा करने का भरोसा जताया
Modified Date: February 27, 2026 / 07:55 pm IST
Published Date: February 27, 2026 7:55 pm IST

नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने शुक्रवार को कहा कि वह गर्मियों में कोयले की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

कंपनी ने बिजली की खपत बढ़ने पर घरेलू ईंधन की कमी की आशंकाओं को खारिज किया।

कोल इंडिया ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला में तीन स्तर का भंडार तैयार रखा गया है, जिसमें खदानों में मौजूद कोयला, बिजली संयंत्रों में रखा कोयला और तुरंत इस्तेमाल के लिए तैयार कोयला शामिल है।

कंपनी ने बताया कि इससे गर्मियों में बिजली की अधिक मांग के दौरान भी कोयले की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहेगी।

कोल इंडिया की उत्पादन वाली अनुषंगी कंपनियों के पास 26 फरवरी, 2026 तक खदानों में 11.5 करोड़ टन कोयला था और चालू वित्त वर्ष के अंत तक इसके और बढ़ने की संभावना है।

देश भर में बिजली की मांग बढ़ने के कारण गर्मी के महीनों में बिजली संयंत्रों को आमतौर पर कोयले की काफी अधिक मात्रा की आवश्यकता होती है। बढ़ते तापमान के कारण एयर कंडीशनर, कूलर, रेफ्रिजरेटर और सिंचाई पंपों का उपयोग बढ़ जाता है, जिससे बिजली की अधिकतम खपत वार्षिक उच्च स्तर पर पहुंच जाती है।

भारत में बिजली उत्पादन में कोयले पर आधारित तापीय ऊर्जा सबसे बड़ी भूमिका निभाती है। देश की कुल बिजली बनाने की क्षमता का लगभग 70 प्रतिशत और सालाना उत्पादन का करीब 75 प्रतिशत इसी से आता है।

सीआईएल के अनुसार, 25 फरवरी तक घरेलू कोयला आधारित तापीय बिजली घरों में कोयले का भंडार लगभग 5.5 करोड़ टन था, जो इस अवधि का उच्चतम स्तर है। इसके अलावा, 55 लाख टन कोयला गोदामों, धुलाई केंद्रों और बंदरगाहों में परिवहन के लिए उपलब्ध था।

इन सभी स्रोतों में मिलाकर कुल उपलब्ध कोयले की मात्रा लगभग 17.55 करोड़ टन है।

कंपनी का कहना है कि यह भंडार गर्मियों के दौरान बिजली क्षेत्र और अन्य उद्योगों की मांग में होने वाली किसी भी अचानक बढ़ोतरी को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘ कोल इंडिया के पास खदानों में रखा कोयला, बिजली घरों में रखा कोयला और तुरंत इस्तेमाल के लिए तैयार कोयला मिलाकर इतना पर्याप्त है कि यह भविष्य के कामकाज के लिए एक मजबूत भरोसा देता है।’

भाषा योगेश रमण

रमण

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