कोल इंडिया का उत्पादन चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.5 प्रतिशत घटा

कोल इंडिया का उत्पादन चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.5 प्रतिशत घटा

कोल इंडिया का उत्पादन चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.5 प्रतिशत घटा
Modified Date: July 1, 2026 / 03:17 pm IST
Published Date: July 1, 2026 3:17 pm IST

नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कोयला उत्पादन 7.5 प्रतिशत घटकर 16.96 करोड़ टन रह गया।

यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब बिजली क्षेत्र से मांग मजबूत बनी हुई है और गर्मियों में खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।

कोल इंडिया की देश के कुल कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। इसने पिछले वित्त वर्ष की अप्रैल-जून अवधि में 18.33 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया था।

कंपनी का जून महीने का उत्पादन भी सालाना आधार पर 0.6 प्रतिशत घटकर 5.74 करोड़ टन रहा, जबकि पिछले वर्ष जून में यह 5.78 करोड़ टन था।

कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) के उत्पादन में जून में गिरावट आई। वहीं साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल), ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) और वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) का उत्पादन बढ़ा।

कंपनी की कोयला आपूर्ति (ऑफटेक) यानी ग्राहकों को बिक्री जून में 7.5 प्रतिशत बढ़कर 6.58 करोड़ टन रही, जो पिछले वर्ष समान महीने में यह 6.12 करोड़ टन थी।

अप्रैल-जून अवधि में कोयला आपूर्ति 3.5 प्रतिशत बढ़कर 19.77 करोड़ टन हो गई।

केंद्रीय बिजली मंत्री मनोज लाल ने पहले कहा था कि भारत ने मई, 2026 में 271 गीगावाट की अब तक की सबसे अधिक बिजली मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया है। अगले वर्ष के लिए 300 गीगावाट क्षमता की तैयारी की जा रही है क्योंकि मांग में और 30 गीगावाट की वृद्धि की संभावना है।

वित्त वर्ष 2025-26 में कोल इंडिया का कुल उत्पादन 1.7 प्रतिशत घटकर 76.81 करोड़ टन रहा, जबकि 2024-25 में यह 78.11 करोड़ टन था।

कोल इंडिया देश के बिजली क्षेत्र को ईंधन आपूर्ति करने वाली प्रमुख कंपनी है और ताप बिजली संयंत्रों के लिए आवश्यक कोयले का बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराती है।

देश की ऊर्जा सुरक्षा में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत का लगभग 70 प्रतिशत बिजली उत्पादन अब भी कोयले पर निर्भर है।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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